सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने लगाया प्रतिबंध, दोपहिया और एम्बुलेंस के लिए वैकल्पिक मार्ग तय
मनेंद्रगढ़। कोटाडोल से कमर्जी मुख्य मार्ग पर स्थित तरईया नदी का पुल बारिश के दौरान 30 अगस्त 2026 को क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के क्षतिग्रस्त होने से हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से पुल से पैदल यात्रियों सहित सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रोक लगा दी है।
यह पुल कोटाडोल से करीब 300 मीटर की दूरी पर तथा खिरकी बैरियर से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित है। प्रशासन ने पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोगों से प्रतिबंधित मार्ग का उपयोग नहीं करने और निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से ही आवागमन करने की अपील की है।
दोपहिया और एम्बुलेंस के लिए वैकल्पिक मार्ग
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनकपुर की ओर से आने वाले पैदल यात्री एवं दोपहिया वाहन ग्राम बरौता से ग्राम नेरूवा होते हुए ग्राम रजरावल और फिर खिरकी वन विभाग बैरियर तक बने वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। यह मार्ग कुछ हिस्सों में कच्चा है।

इसी तरह कमर्जी की ओर से आने वाले पैदल यात्री एवं दोपहिया वाहन खिरकी वन विभाग बैरियर से विपरीत दिशा में बरौता मुख्य मार्ग तक पहुंच सकेंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित परिवर्तित मार्ग का उपयोग पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहनों एवं एम्बुलेंस के आवागमन के लिए किया जा सकेगा।
17 किलोमीटर की दूरी बढ़कर 24 किलोमीटर होगी
वैकल्पिक मार्ग से आवागमन करने पर कोटाडोल से कमर्जी की दूरी दोपहिया वाहनों के लिए सामान्य 17 किलोमीटर के बजाय करीब 24 किलोमीटर हो जाएगी। प्रशासन ने लोगों से असुविधा के बावजूद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की है।
प्रतिबंध तोड़ने पर होगी कार्रवाई
आदेश में पुल की स्थिति को देखते हुए प्रतिबंधित मार्ग से आवागमन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 तथा मोटरयान अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह आदेश 30 अगस्त 2026 से 7 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा अथवा स्थिति में पहले परिवर्तन होने तक लागू रहेगा।
5 सितंबर तक पैदल, दोपहिया और हल्के चारपहिया वाहनों के लिए खुलने की उम्मीद
प्रशासन की जानकारी के अनुसार PMGSY द्वारा मरम्मत कार्य पूरा किए जाने के बाद 5 सितंबर 2026 तक पुल को पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहनों एवं हल्के चारपहिया वाहनों के आवागमन के लिए खोले जाने की संभावना है।
वर्तमान में नदी में जलस्तर अधिक होने के कारण बस, ट्रक सहित भारी चारपहिया वाहनों के आवागमन के लिए पुल की मरम्मत का कार्य बाद में पूरा किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार भारी वाहनों के लिए पुल को 1 अक्टूबर 2026 से पहले पूर्णतः खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
फिलहाल पुल की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी तरह का जोखिम न उठाने की अपील की है।




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