रायपुर, 26 जून 2026 | छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य की सड़कों पर दौड़ने वाली सभी यात्री बसों के लिए 'व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस' (VLTD) अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगले 15 दिनों के भीतर हर हाल में बसों में ट्रैकिंग डिवाइस इंस्टॉल करें और जो उपकरण निष्क्रिय हैं, उन्हें तत्काल सक्रिय करें।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और भारत सरकार की गाइडलाइन के तहत लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वर्ष 2025 में राजस्थान और तेलंगाना में हुई भीषण सड़क दुर्घटनाओं के बाद सरकार ने यात्री बसों की निगरानी को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
कैसे काम करेगा सिस्टम?
कमांड सेंटर से निगरानी: अब सभी बसों की गतिविधियों पर राज्य मुख्यालय का ‘कमांड एवं नियंत्रण केंद्र’ नजर रखेगा।
रियल-टाइम लोकेशन: उपग्रह आधारित ट्रैकिंग सिस्टम से यह पता चलेगा कि बस अपने निर्धारित रूट पर है या नहीं।
संगवारी ऐप का लाभ: यात्री स्वयं ‘संगवारी ऐप’ के जरिए अपनी बस की लाइव लोकेशन देख सकेंगे।
ऑटोमैटिक चालान: अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर के अनुसार, पूरे राज्य में ‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन’ (ANPR) कैमरे और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिससे नियम तोड़ने वाली बसों पर तुरंत कार्रवाई होगी।
संचालकों के लिए चेतावनी
परिवहन विभाग ने 15 दिनों की डेडलाइन तय की है। यदि इस अवधि के बाद भी बस में ट्रैकिंग डिवाइस नहीं पाई जाती है या डिवाइस बंद मिलती है, तो मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत बस संचालकों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।




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