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09 Sep 2026
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डोमनहिल स्कूल में अर्थशास्त्र क्लब की प्रथम बैठक, पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव,

डोमनहिल स्कूल में अर्थशास्त्र क्लब की प्रथम बैठक, पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव,
डोमनहिल स्कूल में अर्थशास्त्र क्लब की प्रथम बैठक, पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

चिरमिरी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोमनहिल में सत्र 2026-27 के लिए अर्थशास्त्र क्लब की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्लब की आगामी गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने के साथ ही विभिन्न पदों के लिए पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया।

क्लब संरक्षक एवं संस्था की प्राचार्य श्रीमती रजनी सालोमन के मार्गदर्शन तथा क्लब प्रभारी एवं व्याख्याता के. प्रफुल्ल रेड्डी के नेतृत्व में आयोजित बैठक में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। क्लब का इकाई गठन प्राचार्य श्रीमती रजनी सालोमन की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

बैठक में सर्वसम्मति से कु. सालेहा खातून को अध्यक्ष, कु. काजल दास को उपाध्यक्ष, आशीष कुमार एवं अमन कुमार को सचिव तथा कु. आंचल एवं कु. तन्नू को सह-सचिव निर्वाचित किया गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को क्लब के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करने तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में पूरे सत्र के दौरान आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई। इनमें पाठ्यक्रम आधारित वाद-विवाद प्रतियोगिता, तात्कालिक भाषण, बैंक भ्रमण तथा अर्थशास्त्र क्लब की पत्रिका का विमोचन प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में आर्थिक विषयों की व्यावहारिक समझ विकसित करने के साथ-साथ तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति कौशल, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ावा देना है।

प्राचार्य सह क्लब संरक्षक श्रीमती रजनी सालोमन ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं क्लब के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से अर्थशास्त्र क्लब को एक सशक्त शैक्षणिक मंच के रूप में विकसित किया जाएगा।

क्लब प्रभारी के. प्रफुल्ल रेड्डी ने कहा कि अर्थशास्त्र को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों को इसके व्यावहारिक पक्ष से जोड़ना क्लब का प्रमुख उद्देश्य है। बैंक भ्रमण जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी बैंकिंग व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे, जबकि वाद-विवाद और तात्कालिक भाषण जैसी प्रतियोगिताओं से उनकी अभिव्यक्ति एवं तार्किक सोच को विकसित करने में मदद मिलेगी।

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