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19 Jul 2026
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छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल मिनरल्स अनुसंधान को मिलेगी नई रफ्तार, सीएमडीसी और जेएनएआरडीडीसी के बीच ऐतिहासिक एमओयू,

छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल मिनरल्स अनुसंधान को मिलेगी नई रफ्तार, सीएमडीसी और जेएनएआरडीडीसी के बीच ऐतिहासिक एमओयू,
छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल मिनरल्स अनुसंधान को मिलेगी नई रफ्तार, सीएमडीसी और जेएनएआरडीडीसी के बीच ऐतिहासिक एमओयू,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि, वैज्ञानिक अनुसंधान, मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर, 18 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ ने खनन एवं खनिज अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) और जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी), नागपुर के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह एमओयू सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद तथा प्रबंध संचालक रजत बंसल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। समझौते के जरिए राज्य में क्रिटिकल मिनरल्स के वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीक आधारित खनन, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन और सतत विकास को नई दिशा मिलेगी।

एमओयू आदान-प्रदान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर जनरल तथा जेएनएआरडीडीसी के निदेशक पंकज कुलश्रेष्ठ ने कहा कि अनुसंधान आधारित खनिज विकास और संस्थागत सहयोग भविष्य में राज्य और देश के खनिज क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणाम देगा। वहीं भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर ऑफ माइंस डॉ. बी.एल. गुर्जर ने सीएमडीसी और खनिज साधन विभाग के बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए इसे राज्य के खनिज विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में सीएमडीसी के महाप्रबंधक यू.के. कुरैशी ने निगम की 25 वर्षों की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, संचालित परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं समावेशी खनन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

रीजनल कंट्रोलर ऑफ माइंस प्रेम प्रकाश ने सीएमडीसी की टिन और कोरंडम परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और खनन क्षेत्र में पारदर्शिता को मजबूती मिली है।

जेएनएआरडीडीसी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम एवं वैनेडियम तथा बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम की रिकवरी पर अनुसंधान कर रहा है। उनके अनुसार ऐसे शोध भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक संजय कनकने ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि यह साझेदारी अनुसंधान, नवाचार और सतत खनन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

राज्य सरकार का मानना है कि यह एमओयू छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज संपदा के वैज्ञानिक उपयोग, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को नई गति देगा तथा प्रधानमंत्री के क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगा।

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