1,273 नए मोबाइल टावर, ₹3,928 करोड़ की भारतनेट परियोजना, AI मिशन और 105.3 करोड़ के स्टार्टअप सेंटर से तकनीक आधारित विकास को मिलेगी रफ्तार,
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद और चिप्स के सीईओ मयंक अग्रवाल ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु, भारतनेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल कनेक्टिविटी और क्लाउड आधारित सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सेवा सेतु बना सबसे बड़ा डिजिटल नागरिक मंच
29 अप्रैल 2026 को शुरू किए गए सेवा सेतु के उन्नत संस्करण में वर्तमान में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। पिछले ढाई वर्षों में पोर्टल पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 78 लाख से ज्यादा का सफल निराकरण किया जा चुका है। ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, QR कोड, व्हाट्सएप और SMS सूचना तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाओं ने नागरिक सेवाओं को आसान बनाया है।
दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही डिजिटल कनेक्टिविटी
जनवरी 2024 से अब तक राज्य में 1,273 नए मोबाइल टावर शुरू किए जा चुके हैं। वहीं भारतनेट फेज-3 के तहत ₹3,928 करोड़ की लागत से ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और FTTH कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी।
युवाओं के लिए CM IT Fellowship
IIIT नया रायपुर के सहयोग से शुरू की गई CM IT Fellowship के तहत 50 स्थानीय युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यानुभव दिया जा रहा है, ताकि राज्य में दक्ष आईटी विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें।
AI मिशन और 105.3 करोड़ के स्टार्टअप सेंटर
छत्तीसगढ़ AI मिशन (CG-AIM) के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप और सरकारी अधिकारियों के लिए AI आधारित प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही STPI के सहयोग से ₹105.3 करोड़ की लागत से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित किए जाएंगे, जहां AI, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से मजबूत हुआ सुशासन
खनिज ऑनलाइन 2.0 से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पारस पोर्टल, डिजिटल द्वार, IWMMS और बस्तर मुन्ने पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना रहे हैं।
क्लाउड फर्स्ट नीति और राष्ट्रीय सम्मान
राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर सुरक्षित डेटा प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करेगी। विभाग की कई परियोजनाओं को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार भी मिल चुके हैं।
सरकार का लक्ष्य
सचिव अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल प्रशासन को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक तक पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है। सरकार AI, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों के जरिए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।




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