बोले- विकास कार्यों के लिए एक समान नियम लागू हो, एक वार्ड के लिए अलग प्रक्रिया उचित नहीं
चिरमिरी। नगर पालिक निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 34 स्थित खेल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर अब अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) का मुद्दा सामने आया है। वार्ड पार्षद राहुल भाई पटेल ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नगर निगम प्रशासन से सभी वार्डों के विकास कार्यों के लिए समान नियम और प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।
पार्षद राहुल पटेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के चिरमिरी आगमन के दौरान उन्होंने वार्ड क्रमांक 34 के खेल मैदान को मिनी स्टेडियम की तर्ज पर विकसित करने की मांग को लेकर मांग पत्र सौंपा था। इस मांग पत्र पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को पत्र प्रेषित किए जाने की जानकारी दी गई थी।
इसके बाद नगर निगम स्तर पर खेल मैदान के विकास कार्य के लिए एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक से NOC मांगने के लिए पत्र जारी किए जाने की बात सामने आई है।
NOC की प्रक्रिया को लेकर पार्षद ने उठाया सवाल
राहुल पटेल का आरोप है कि NOC की प्रक्रिया के कारण वार्ड 34 के खेल मैदान के विकास कार्य को आगे बढ़ाने में विलंब हो सकता है। उनका कहना है कि चिरमिरी क्षेत्र की जनता एसईसीएल से संबंधित NOC प्राप्त करने की प्रक्रिया और उससे जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों से परिचित है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी विकास कार्य को आगे बढ़ाने के लिए NOC को अनिवार्य शर्त बनाया जाता है, तो इसकी स्पष्ट नीति और समयबद्ध प्रक्रिया भी निर्धारित होनी चाहिए, ताकि विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न हों।
सभी वार्डों के लिए समान नियम की मांग
पार्षद राहुल भाई पटेल ने नगर निगम के महापौर राम नरेश राय से मांग की है कि यदि वार्ड क्रमांक 34 के खेल मैदान के विकास के लिए एसईसीएल से NOC लेना आवश्यक है, तो नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में होने वाले विकास एवं निर्माण कार्यों के प्रस्तावों पर भी समान नियम लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी एक वार्ड के लिए अलग प्रक्रिया और अन्य वार्डों के लिए अलग प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए। विकास कार्यों को लेकर नगर निगम की नीति सभी वार्डों के लिए समान होनी चाहिए।
“एक ही नियम सभी वार्डों पर लागू होना चाहिए”
राहुल पटेल ने कहा कि चिरमिरी के विकास के लिए एक समान नियम जरूरी है। यदि किसी एक वार्ड के विकास कार्य के लिए NOC अनिवार्य है तो यही व्यवस्था नगर निगम के प्रत्येक वार्ड के विकास कार्यों पर भी लागू होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग वार्डों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाने से विकास कार्यों को लेकर असमानता की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए नगर निगम प्रशासन को इस संबंध में स्पष्ट नीति सार्वजनिक करनी चाहिए।
NOC जरूरी है तो सभी विकास कार्यों पर लागू हो नियम
पार्षद ने कहा कि यदि नगर निगम प्रशासन का स्पष्ट मत है कि एसईसीएल क्षेत्र से संबंधित प्रत्येक विकास एवं निर्माण कार्य के लिए एसईसीएल की NOC आवश्यक है, तो चिरमिरी क्षेत्र के सभी वार्डों में प्रस्तावित ऐसे विकास कार्यों को भी इसी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि इससे सभी जनप्रतिनिधियों और वार्डों के लिए प्रक्रिया स्पष्ट रहेगी तथा किसी प्रकार के भेदभाव की आशंका भी नहीं रहेगी।
बच्चों और युवाओं के लिए मिनी स्टेडियम प्राथमिकता
राहुल पटेल ने कहा कि वार्ड क्रमांक 34 के खेल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करना क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव है। बेहतर खेल सुविधाएं मिलने से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या अधिकारी का विरोध करना नहीं है, बल्कि वार्ड 34 सहित पूरे चिरमिरी क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए समान नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।
उन्होंने कहा कि खेल मैदान के विकास के लिए वे आवश्यक स्तर पर प्रयास जारी रखेंगे और संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
अब निगम प्रशासन के रुख पर नजर
वार्ड 34 के खेल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर NOC की आवश्यकता को लेकर उठे सवालों के बीच अब नगर निगम प्रशासन का स्पष्ट रुख महत्वपूर्ण होगा।
क्या इस तरह के विकास कार्यों के लिए एसईसीएल की NOC अनिवार्य है? यदि है, तो क्या यही नियम चिरमिरी के अन्य वार्डों के विकास कार्यों पर भी समान रूप से लागू होता है? इन सवालों पर निगम प्रशासन की स्पष्टता सामने आने के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।




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