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28 Jul 2026
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शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की नई पहचान बनेगा चयनित लोगो, विजेता को 10 हजार रुपए का पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र: तक करें आवेदन,

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की नई पहचान बनेगा चयनित लोगो, विजेता को 10 हजार रुपए का पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र: तक करें आवेदन,
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की नई पहचान बनेगा चयनित लोगो, विजेता को 10 हजार रुपए का पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र: तक करें आवेदन,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

लोगो डिज़ाइन प्रतियोगिता के लिए देशभर से आमंत्रित किए गए आवेदन, अंतिम तिथि 12 अगस्त,

मनेंद्रगढ़ । शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ ने अपनी संस्थागत पहचान को नई दिशा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर लोगो डिज़ाइन प्रतियोगिता आयोजित करने की घोषणा की है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से ऐसा विशिष्ट और आकर्षक लोगो तैयार कराया जाएगा, जो चिकित्सा शिक्षा, उपचार, सेवा, करुणा, अनुसंधान तथा मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर जिले की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पहचान को प्रभावी रूप से प्रदर्शित करे। प्रतियोगिता में देशभर के विद्यार्थी, चिकित्सक, नर्स, शिक्षक, पेशेवर डिज़ाइनर एवं अन्य इच्छुक नागरिक भाग ले सकेंगे।

     महाविद्यालय ने प्रतियोगिता का संदेश देते हुए कहा है कि हर महान संस्थान की पहचान उसके प्रतीक से होती है, अब बारी है पहचान गढ़ने की। चयनित लोगो भविष्य में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ की आधिकारिक पहचान बनेगा तथा संस्थान के लेटरहेड, प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, सूचना बोर्ड, वेबसाइट और अन्य आधिकारिक प्रकाशनों में उपयोग किया जाएगा।

     प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियाँ 27 जुलाई 2026 से आमंत्रित की गई हैं, जबकि प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि 12 अगस्त 2026 शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। विजेता प्रतिभागी को 10,000 रुपए की पुरस्कार राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। परिणाम महाविद्यालय की वेबसाइट पर घोषित किए जाएंगे।

     महाविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता में भेजा जाने वाला लोगो पूरी तरह मौलिक होना चाहिए। किसी अन्य स्थान पर प्रकाशित, कॉपीराइट युक्त अथवा किसी अन्य व्यक्ति की कलाकृति, फोटो या प्रतीक का उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। लोगों में किसी धार्मिक, राजनीतिक दल अथवा राज्य चिन्ह का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा। मेडिकल प्रतीक के रूप में कैड्यूसियस का उपयोग किया जा सकता है, जबकि स्टार ऑफ लाइफ चिन्ह का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है।

     प्रतियोगिता में प्रत्येक प्रतिभागी केवल एक प्रविष्टि भेज सकेगा। किसी संस्था, समूह अथवा फर्म के नाम से प्रविष्टियाँ स्वीकार नहीं की जाएंगी। चयन समिति के सदस्य एवं उनके परिवार के सदस्य प्रतियोगिता में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे।

     डिज़ाइन ऐसा होना चाहिए जो चिकित्सा शिक्षा, उपचार, सेवा और करुणा का संदेश देने के साथ-साथ जिले की स्थानीय संस्कृति, जनजातीय विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, वन संपदा तथा क्षेत्रीय पहचान को भी प्रदर्शित करे। लोगो सरल, यादगार तथा विभिन्न माध्यमों प्रिंट, डिजिटल, साइनेज और अन्य प्रचार सामग्री में समान रूप से उपयोगी होना चाहिए।

     प्रतिभागियों को लोगो PNG (पारदर्शी पृष्ठभूमि) तथा JPEG प्रारूप में कम से कम 3000×3000 पिक्सेल आकार में भेजना होगा। इसके साथ ब्लैक एंड व्हाइट संस्करण तथा रंगीन संस्करण भी देना होगा। यदि डिज़ाइन चयनित होता है तो प्रतिभागी को उसका संपादन योग्य ( AI, CDR, EPS या SVG ) फ़ाइल प्रारूप भी उपलब्ध कराना होगा। साथ ही अधिकतम 250 शब्दों में हिंदी अथवा अंग्रेज़ी में डिज़ाइन की अवधारणा, प्रयुक्त प्रतीकों एवं रंगों का संक्षिप्त विवरण भी देना होगा।

     निर्धारित प्रविष्टि प्रपत्र को पूर्ण रूप से भरना अनिवार्य होगा तथा मूल्यांकन की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए डिज़ाइन पर प्रतिभागी का नाम अंकित नहीं किया जाएगा।

प्रविष्टियाँ gmcmanendragarh@gmail.com पर Logo Competition विषय के साथ ई-मेल करनी होंगी। ई-मेल के साथ संलग्न फाइलों का आकार 25 एमबी तक होना चाहिए। इससे अधिक आकार होने पर गूगल ड्राइव लिंक साझा किया जा सकता है। प्रत्येक प्रविष्टि प्राप्त होने के तीन कार्य दिवस के भीतर प्रतिभागी को एक प्रविष्टि क्रमांक भेजा जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो प्रतिभागी +91 75871 81633 पर संपर्क कर सकते हैं।

     लोगों का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें मौलिकता एवं अभिनवता (25 अंक), चिकित्सा शिक्षा, सेवा, करुणा एवं शोध से संबंध (25 अंक), स्थानीय संस्कृति एवं क्षेत्रीय पहचान (20 अंक), सरलता, स्पष्टता एवं प्रभावशीलता (15 अंक), रंग संयोजन एवं सौंदर्य (10 अंक) तथा विभिन्न माध्यमों में उपयोगिता (5 अंक) को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।

     महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल एक लोगों का चयन करना नहीं, बल्कि ऐसा स्थायी प्रतीक तैयार करना है जो आने वाले वर्षों में संस्थान की पहचान बने और चिकित्सा शिक्षा, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं तथा जिले की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व करे। प्रतियोगिता के माध्यम से देशभर की रचनात्मक प्रतिभाओं को अपनी कल्पनाशीलता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा और चयनित डिज़ाइन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ की दीर्घकालिक पहचान के रूप में स्थापित होगा।

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