कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने दिए तैयारियों के निर्देश, 7 नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने और अस्पतालों-एम्बुलेंस को अलर्ट रहने के आदेश
मनेंद्रगढ़। संभावित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 27 से 29 अक्टूबर तक भारी वर्षा और तेज हवाओं की आशंका है। जिले में विशेष रूप से 29 अक्टूबर को संभावित प्रभाव को देखते हुए कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
नदियों और संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी नजर
हसदेव, बनास, मवई, खटम्बर, केवई और नेउर सहित प्रमुख नदियों एवं नालों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाएगी। निचले इलाकों और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने, जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा जलमग्न सड़कों और पुल-पुलियों पर आवागमन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। तेज हवाओं से पेड़ गिरने या सड़क बाधित होने पर तत्काल रास्ता बहाल करने की तैयारी भी रहेगी।
अस्पताल, एम्बुलेंस और राहत संसाधन तैयार
जिले में 7 नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार जिले में 23 एम्बुलेंस, 1 मोटर बोट, 2 लाइफबॉय, 8 लाइफ जैकेट और नगर सेना के 8 प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध हैं। अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, दवाइयों और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। संभावित प्रसव तिथि वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनके सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बिजली, पेयजल और संचार सेवाओं पर भी निगरानी
विद्युत आपूर्ति बाधित होने, पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने और मोबाइल नेटवर्क में परेशानी की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधन तैयार रखने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों में भोजन, सुरक्षित पेयजल, बिजली और दवाइयों की व्यवस्था की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी और मीडिया के माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनियों का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपातकालीन संपर्क नंबर
जिला राहत शाखा नियंत्रण कक्ष: 07771-299057
डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा: 7000161300
डिप्टी कलेक्टर स्वप्निल वर्मा: 7803040309
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और उफनते नदी-नालों या जलमग्न सड़कों को पार करने का जोखिम न लें। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों से दूरी बनाए रखें।




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