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14 Sep 2026
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शिक्षा ही आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम, शिक्षक राष्ट्र निर्माण की नींव : मुख्यमंत्री साय

शिक्षा ही आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम, शिक्षक राष्ट्र निर्माण की नींव : मुख्यमंत्री साय
शिक्षा ही आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम, शिक्षक राष्ट्र निर्माण की नींव : मुख्यमंत्री साय। फोटो: आज का दिन न्यूज़

बेमेतरा में जिला स्तरीय शिक्षक एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह, 81 सेवानिवृत्त शिक्षक और 42 मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित

मुख्यमंत्री ने गौरव पथ के लिए 2 करोड़ रुपए और तिवरिया में नए विद्युत सब-स्टेशन की घोषणा की

बेमेतरा/रायपुर, 13 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए शिक्षा जरूरी है और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा नहीं करते, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को आकार देते हैं। उनके मार्गदर्शन से तैयार होने वाली पीढ़ी ही समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला बनती है।

मुख्यमंत्री साय रविवार को बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

शिक्षक केवल विद्यार्थी नहीं, पीढ़ियों का निर्माण करते हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में गुरु-शिष्य परंपरा सदियों पुरानी और गौरवशाली रही है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों के माध्यम से पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक की दी हुई शिक्षा का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचता है। यही कारण है कि शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा जाता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा अज्ञानता के अंधकार को दूर करने वाला ज्ञान का प्रकाश है। इससे व्यक्ति अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होता है तथा उसमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।

हर बच्चे को समान अवसर देना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना, आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का प्रयास है कि संसाधनों की कमी किसी भी बच्चे की प्रतिभा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बने।

उन्होंने कहा कि गांव हो या शहर और आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा, अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए उपलब्ध राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी संस्थाओं से छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर खुले हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर लाइब्रेरी, अध्ययन सामग्री और अध्ययन का अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से सहायता देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

बेमेतरा को विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह के दौरान बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर अधोसंरचना से शहरों और गांवों के विकास को गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

जल संरक्षण के कार्यों को भी मिला सम्मान

समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के तहत जल संरक्षण और भू-जल स्तर में सुधार के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया।

बेमेतरा जिले को क्रिटिकल से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला और नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सामूहिक दायित्व है।

शिक्षक स्मृति” पत्रिका का विमोचन

समारोह में प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव बोले—शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च रहा है। शिक्षक ज्ञान का प्रकाश फैलाकर नई पीढ़ी को सही दिशा देते हैं। उनका ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन समाज एवं राष्ट्र के लिए अमूल्य धरोहर है।

मंत्री दयाल दास बघेल ने शिक्षा के साथ संस्कार पर दिया जोर

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करती है। शिक्षक विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने के साथ उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

17 सितंबर को दीप प्रज्ज्वलित करने का आह्वान

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की शाम अपने घरों में एक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, विकास और जनकल्याण के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कुशल युवा शक्ति तथा सशक्त गांवों और शहरों से तैयार होगी।

कार्यक्रम में विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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