किताबों के बोझ से दूर बच्चों ने खेल, स्वच्छता और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए सीखा जीवन का पाठ।
नदीम खान | सूरजपुर
सूरजपुर, 29 अगस्त 2026। जिले के स्कूलों में शनिवार का दिन बच्चों के लिए कुछ अलग और खास रहा। कंधों पर बस्ते नहीं थे, लेकिन सीखने और कुछ नया करने का उत्साह भरपूर था। कहीं बच्चे खेल मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाते नजर आए, तो कहीं बाल फिल्मों के माध्यम से नई दुनिया और सामाजिक सरोकारों से रूबरू हुए। किसी विद्यालय में स्वच्छता अभियान चलाया गया, तो कहीं रक्षाबंधन विषय पर रचनात्मक लेखन के जरिए विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं को शब्द दिए।
बैगलेस डे के तहत आयोजित इन गतिविधियों ने विद्यालयों को पारंपरिक कक्षा-कक्ष से बाहर निकालकर सीखने, सृजन और सहभागिता के जीवंत मंच में बदल दिया।
बाल फिल्म से खेल मैदान तक, बच्चों ने लिया गतिविधियों में हिस्सा
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र पाटले एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती लता बेक के निर्देशानुसार जिले के समस्त विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें बाल फिल्म प्रदर्शन, खेलकूद गतिविधियां, स्वच्छता अभियान और रक्षाबंधन आधारित रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता प्रमुख रहीं।
सेजस भैयाथान एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैजनाथपुर में खंड शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति में आयोजित गतिविधियों का अवलोकन किया गया। वहीं मुख्यमंत्री डीएवी ओड़गी में खो-खो प्रतियोगिता आयोजित की गई।
पीएम श्री सेजस ओड़गी में बाल फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान डीएमसी श्री मनोज साहू, सहायक संचालक शिक्षा श्री अजय सिंह, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षकों ने विद्यार्थियों के साथ फिल्म देखी।
स्मार्ट क्लास और एलईडी के जरिए हुआ बाल फिल्मों का प्रदर्शन
प्रेमनगर के पीएम श्री चंदननगर, भैयाथान के शिवप्रसाद नगर, सूरजपुर के जयनगर, रामानुजनगर के परशुरामपुर, पस्ता तथा ओड़गी के चेंद्रा सहित जिले के अधिकांश विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, एलईडी टीवी, लैपटॉप एवं मोबाइल के माध्यम से बाल फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
फिल्मों के जरिए विद्यार्थियों को मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक विषयों, जीवन मूल्यों और व्यवहारिक सीख से जोड़ने का प्रयास किया गया।
सरगुजा ओलंपिक के लिए विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीयन
बैगलेस डे के दौरान खेल गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों को सरगुजा ओलंपिक से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।
ओड़गी विकासखंड के सभी 18 हायर सेकंडरी स्कूलों का भौतिक एवं दूरभाष के माध्यम से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने 14 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों का सरगुजा ओलंपिक में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पंजीयन प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग भी की गई।
सीखने का बदला अंदाज, बच्चों में दिखा उत्साह
बैगलेस डे की गतिविधियों में बच्चों ने पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय खेल, फिल्म, स्वच्छता और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अनुभव हासिल किया।
विद्यालयों में आयोजित इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में उत्साह और सहभागिता देखने को मिली। बैगलेस डे का उद्देश्य बच्चों को तनावमुक्त वातावरण में सीखने का अवसर देने के साथ उनकी रचनात्मकता, खेल प्रतिभा, सामाजिक जिम्मेदारी और व्यवहारिक कौशल को विकसित करना रहा।




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