चिरमिरी । रक्षाबंधन का पावन पर्व नजदीक है, लेकिन आसमान छूती महंगाई ने आम जनजीवन और त्योहार के उत्साह पर सीधा असर डाला है। शक्कर, खाद्य तेल, दाल, आटा और रसोई गैस जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल के कारण मध्यम एवं गरीब परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह चरमरा गया है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शिवांश जैन ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि त्योहारों के इस मौसम में आम आदमी को खुशियों और जरूरी खर्चों के बीच समझौता करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई ने भाई-बहन के इस पावन पर्व की मिठास को भी फीका कर दिया है।
युवाओं के सामने रोजगार का संकट
शिवांश जैन ने आगे कहा कि एक तरफ जनता कमरतोड़ महंगाई से बेहाल है, वहीं दूसरी तरफ देश का युवा भयंकर बेरोजगारी के संकट से जूझ रहा है। रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं, जिससे परिवारों पर आर्थिक दबाव और अधिक बढ़ गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। सरकार को जनहित में तत्काल कदम उठाते हुए आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और मूल्यवृद्धि पर रोक लगानी चाहिए तथा युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के रास्ते खोलने चाहिए, ताकि आम जनता को वास्तविक राहत मिल सके।




पाठकों की टिप्पणियां 0