रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए पिछले दो वर्षों में कई स्तरों पर बदलाव किए गए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने शुक्रवार को नवा रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग के दो वर्षों के कामकाज का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरान स्कूलों के युक्तियुक्तकरण से लेकर शिक्षक पदोन्नति, नई भर्ती, डिजिटल मॉनिटरिंग, बहुभाषी शिक्षा और विद्यालय अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है।
विभाग के अनुसार 10,538 विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया गया, जिसके तहत 15,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन हुआ। वहीं शिक्षकविहीन विद्यालयों और एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। सरकार का दावा है कि 453 शिक्षकविहीन विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई, जबकि 4,729 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में भी शिक्षक उपलब्ध कराए गए।
7 हजार से ज्यादा शिक्षकों की पदोन्नति
शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर भी विभाग ने महत्वपूर्ण आंकड़े सामने रखे हैं। टी संवर्ग में 1,335 और ई संवर्ग में 1,478 प्राचार्यों की पदोन्नति की गई। इसके अलावा 1,798 व्याख्याताओं की पदोन्नति सहित पिछले दो वर्षों में विभिन्न पदों पर 7,000 से अधिक पदोन्नतियां की गई हैं।
सरकार के मुताबिक पदोन्नति और युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता को बेहतर करना और शिक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक एवं शैक्षणिक संतुलन स्थापित करना है।
2,104 पदों पर भर्ती, 5 हजार शिक्षकीय पद प्रक्रिया में
शिक्षक उपलब्धता बढ़ाने के लिए सीधी भर्ती पर भी जोर दिया गया है। विभाग के अनुसार पिछले दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती की जा चुकी है। वहीं 5,000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया जारी है।
दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए 848 स्पेशल एजुकेटर पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें वर्ष 2025 में 62 पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्ति की गई।
स्वामी आत्मानंद और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में भी 3,000 से अधिक पदों पर संविदा भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
भर्ती में ऑनलाइन परीक्षा का प्रयोग
स्कूल शिक्षा विभाग ने संविदा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT व्यवस्था शुरू की है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 1,895 और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 1,171 पदों सहित कुल 3,066 पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
विभाग का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षा से भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ परीक्षा परिणाम भी कम समय में उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति
शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और प्रशासनिक निगरानी के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक तथा टीके ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है। विभाग के अनुसार प्रतिदिन करीब 85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो रही है।
इसके साथ ही अवकाश प्रबंधन पोर्टल, पेपरलेस कार्यप्रणाली और ऑनलाइन संपत्ति विवरण जैसी व्यवस्थाओं को भी लागू किया गया है।
एआई से होगी स्कूलों की मॉनिटरिंग
स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए एआई आधारित विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया है। इसके जरिए स्कूलों की अधोसंरचना, भौतिक सुविधाओं, पीएम पोषण और विभिन्न योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है।
विभाग के अनुसार कॉल सेंटर के माध्यम से शिक्षकों, पालकों, संकुल समन्वयकों और अधिकारियों से एक लाख से अधिक कॉल के जरिए फीडबैक भी लिया गया है।
पाठ्यपुस्तकों के वितरण में बारकोड आधारित ट्रैकिंग व्यवस्था लागू किए जाने से शासन को करीब 40 करोड़ रुपये की बचत होने का दावा भी किया गया है।
45 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को समय पर किताबें
विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने से पहले पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की पहल से कक्षा 1 से 10 तक के 45 लाख 33 हजार 261 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।
वहीं निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत 1 लाख 62 हजार 827 बालिकाओं को साइकिल दी गई। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क गणवेश योजना से 28 लाख 63 हजार 786 बच्चे लाभान्वित हुए।
स्कूल भवन और अतिरिक्त कक्षों पर जोर
शिक्षा व्यवस्था में अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं। पिछले तीन वर्षों में 504 नए विद्यालयों को मंजूरी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन विद्यालयों के लिए नए भवनों का प्रावधान किया गया है।
वर्ष 2023 से 2026 के बीच 2,583 अतिरिक्त कक्षों की स्वीकृति दी गई। विद्यालयों के शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए 52.39 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए 100 करोड़
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन निर्माण और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार की योजना प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने की है।
स्थानीय भाषाओं और आदिवासी क्षेत्रों पर फोकस
शिक्षा में स्थानीय भाषाओं को शामिल करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने Language Mapping का कार्य किया है।
बस्तर संभाग में 2,700 और सरगुजा संभाग में 2,368 शिक्षकों को स्थानीय भाषाओं के कक्षा में उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया गया है। कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी को शिक्षा के माध्यम के अनुरूप पाठ्यपुस्तक तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।
बस्तर संभाग में शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयों में 573 शिक्षा दूतों के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग के मुताबिक 48 बंद विद्यालय फिर से खोले गए हैं, जबकि 36 नए विद्यालय प्रारंभ किए गए।
परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत सुधार
विभाग के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। परीक्षा पूर्व समीक्षा, ब्लूप्रिंट निर्माण, अध्यापन की समीक्षा और पालक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से परिणाम सुधारने पर जोर दिया गया।
PVTG विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधा
विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विद्यालयों के समीप आवासीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। प्रदेश में संचालित 156 आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में 33 हजार से अधिक बच्चे आवासीय सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
13 जिलों में 40 PVTG छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 21 का निर्माण शुरू हो चुका है।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के अनुसार पिछले दो वर्षों में किए गए प्रयासों का व्यापक उद्देश्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, समावेशी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है।
हालांकि सामने रखे गए आंकड़े मुख्य रूप से विभाग की उपलब्धियों और सरकारी दावों को दर्शाते हैं, लेकिन इनका फोकस स्पष्ट है—स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के साथ शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाना, पदोन्नति और भर्ती को गति देना तथा तकनीक के जरिए शिक्षा व्यवस्था की निगरानी मजबूत करना।
प्रमुख आंकड़े एक नजर में
10,538 — युक्तियुक्तकृत विद्यालय
15,165 — समायोजित शिक्षक एवं प्राचार्य
7,000+ — विभिन्न पदों पर पदोन्नतियां
2,104 — पिछले दो वर्षों में सीधी भर्ती के शैक्षणिक पद
5,000 — शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
3,066 — उत्कृष्ट विद्यालयों में संविदा पदों पर भर्ती प्रक्रिया
45.33 लाख+ — समय पर पाठ्यपुस्तक पाने वाले विद्यार्थी
28.63 लाख+ — निःशुल्क गणवेश से लाभान्वित विद्यार्थी
504 — स्वीकृत नवीन विद्यालय
2,583 — स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष
₹100 करोड़ — 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए प्रावधान




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