सूरजपुर । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर जिला न्यायालय सूरजपुर परिसर में स्वच्छता और श्रम की गरिमा का संदेश देखने को मिला। गांधी जयंती के अवसर पर न्यायालय परिसर में एक दिवसीय श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर थॉमस एक्का के नेतृत्व में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और पैरालीगल वालेंटियर्स ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद न्यायालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में न्यायिक अधिकारियों से लेकर अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और पैरालीगल वालेंटियर्स तक ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
न्यायाधीशों से कर्मचारियों तक सभी ने किया श्रमदान-
‘स्वच्छता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है, की भावना के साथ आयोजित इस अभियान में न्यायालय परिसर के अंदर और बाहर विभिन्न स्थानों पर साफ- सफाई की गई। परिसर में जमा कचरे और अव्यवस्थित स्थानों की सफाई करते हुए न्यायालय परिसर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने का सामूहिक प्रयास किया गया।
इस दौरान श्रमदान केवल औपचारिक गतिविधि तक सीमित नहीं रहा, न्यायिक परिवार के विभिन्न वर्गों ने स्वयं सफाई कार्य में हिस्सा लेकर श्रम की गरिमा और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
गांधी के स्वच्छता संदेश को व्यवहार में उतारा-
महात्मा गांधी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिकता से जुड़े विचारों को व्यवहार में उतारने की पहल के रूप में सामने आया।
न्यायालय परिसर में आयोजित सामूहिक श्रमदान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखना केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति का दायित्व नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में जिला न्यायालय के न्यायाधीशगण, कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश, लीगल एड डिफेंस कौंसिल के अधिवक्तागण, जिला अधिवक्ता संघ के अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण एवं पैरालीगल वालेंटियर्स सहित अन्य संबंधित लोगों ने सहभागिता की।
गांधी जयंती के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में हुआ यह श्रमदान कार्यक्रम स्वच्छता, सहभागिता और श्रम की गरिमा का संदेश देते हुए संपन्न हुआ।




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