घटना के चार घंटे के भीतर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर चुकी थी पुलिस, साक्ष्यों और पहचान के आधार पर आरोपी तक पहुंची चरचा पुलिस
बैकुंठपुर। चरचा थाना क्षेत्र में 05 जुलाई 2026 की रात्रि हुई वारदात में एक अज्ञात व्यक्ति ने घर में घुसकर मां के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के साथ ही उनकी 8 वर्षीय नतिन को अपहृत कर लिया था। प्रार्थी ने 06 जुलाई 2026 को थाना चरचा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने घटना की तफ्तीश के बाद 14 जुलाई 2026 को ग्राम तिलवनडाड़ निवासी विजय सिंह उर्फ पप्पू (28) को गिरफ्तार किया है।
प्रार्थी की शिकायत के अनुसार 05 जुलाई की रात्रि करीब 02:00 बजे एक अज्ञात व्यक्ति सफेद टी-शर्ट व पैंट पहने जानबूझकर घर में घुसा और प्रार्थिनी को गलत इरादे से छूने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने प्रार्थिनी से मारपीट की और धमकी दी कि अगर शोर मचा तो वह नाबालिक बच्ची के साथ भी दुष्कर्म करेगा। बच्ची (लगभग 8 वर्ष) उठने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर जबरन बाहर ले जाकर अपहरण कर लिया। परिवार और आसपास के लोगों ने खोजबीन कर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 06 जुलाई 2026 को सूचना मिलने के लगभग चार घंटे के भीतर अपहृत बच्ची को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था। घटनास्थल के पास आरोपी के जूतों के निशान बरामद किए गए। घटनास्थल और आस-पास के लोगों से सघन पूछताछ, मुखबिरी सूचनाओं व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच में तिलवनडाड़ निवासी विजय सिंह उर्फ पप्पू संदिग्ध उभरा।
तहसीलदार बैकुंठपुर की मौजूदगी में प्रार्थी और पीड़िता ने आरोपी की सटीक पहचान की। आरोपी के कब्जे से घटना के दिन पहना गया लोवर टी-शर्ट और एक जोड़ी मोटी चप्पल (क्राक्स) जब्त किए गए। आरोपी का मेमोरेण्डम कथन भी दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना चरचा में अपराध क्र. 101/2026 के तहत संबंधित धाराओं सहित 8 व 11 पाक्सो एक्ट के अंतर्गत आवश्यक धाराएँ दर्ज की हैं।
कोरिया पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे व उप पुलिस अधीक्षक आशा सेन के मार्गदर्शन में चरचा थाना एवं साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी आनंद सोनवानी, उप निरीक्षक अनिल सोनवानी, प्रधान आरक्षक अमित त्रिपाठी, आरक्षक बृजेश कुमार सिंह, शशी भूषण, प्रेमलाल साहू, भोलाराम जगत, प्रदीप श्याम, सैनिक विकास सिंह, राजेश कुमार, रविदास व साइबर टीम के आर.97 अरविंद कौल व आर अमरेशानंद का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




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