2500 मीटर लंबी नहर से हर्रा, लाई और नागपुर के किसानों को मिलेगा लाभ, डेम रीसेक्शन का प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश,
मनेंद्रगढ़ । एमसीबी जिले में सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा किसानों को बेहतर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने नागपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत हर्रा स्थित झुरा जलाशय एवं निर्माणाधीन नहरों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं उपयोगिता का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचे तथा सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम लिंगराज सिदार, तहसीलदार समीर शर्मा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता (प्रभारी) मोती राम सिंह तथा जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता एन. सी. सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने झुरा जलाशय की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण करते हुए जल संग्रहण क्षमता, सिंचाई व्यवस्था एवं जलाशय के रखरखाव की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलाशय का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों को पूरे सिंचाई सत्र के दौरान पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके।
उन्होंने जलाशय के रीसेक्शन (पुनर्सुधार) के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए, जिससे भविष्य में जलाशय की क्षमता में वृद्धि हो सके और अधिक से अधिक कृषकों को लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर निर्माणाधीन नहर तक पहुंचीं, जहां उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2500 मीटर लंबी नहर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे हर्रा, लाई एवं नागपुर ग्रामों के किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद बड़ी संख्या में कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा तथा किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि नहर निर्माण कार्य समय- सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।
इस दौरान कलेक्टर ने नहर से सिंचाई कर रहे किसान मोहन सिंह से चर्चा कर खेती-किसानी की जानकारी ली। उन्होंने सिंचाई व्यवस्था, फसलों की स्थिति, पानी की उपलब्धता तथा किसानों को हो रहे लाभ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। 
किसान ने सिंचाई सुविधा मिलने से खेती में हो रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी। कलेक्टर ने किसानों को शासन की कृषि एवं सिंचाई योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहरों में किसी भी प्रकार का कचरा या अपशिष्ट पदार्थ न डाला जाए तथा नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नहरों की स्वच्छता बनाए रखने से जल प्रवाह सुचारु रहेगा और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को भी सहयोग के लिए प्रेरित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने लाई से हर्रा तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़क कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति एवं गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सड़क निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत एवं टिकाऊ बनाया जाए, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित एवं बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा सिंचाई एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी सभी परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कर उनका लाभ शीघ्र किसानों तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई एवं सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।




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