कलेक्टर संतन देवी जांगड़े और एसपी रत्ना सिंह की बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर लिए गए अहम फैसले
मनेंद्रगढ़, 27 अगस्त 2026। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रमुख सड़कों पर आवारा और घुमंतू पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े और पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर पशुओं की रोकथाम और सड़क सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, अपर कलेक्टर अनिल सिदार, एसडीएम लिंगराज सिदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, पशुपालन विभाग के डॉ. वी.आर.एस. बघेल, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, गौ सेवा समिति एवं गौ रक्षक दल के सदस्य और पशुपालक मौजूद रहे।
सड़क पर पशु छोड़ने वालों को नोटिस, FIR की चेतावनी
कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने स्पष्ट किया कि पशुओं को सड़क पर खुला छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मनेन्द्रगढ़ एसडीएम को संबंधित पशुपालकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि समझाइश और नोटिस के बावजूद यदि किसी पशुपालक के पशु सड़क पर पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
विशेष रूप से NH-43 के आसपास पशुपालन करने वाले लोगों का सर्वे और सर्च अभियान चलाकर पशुओं की टैगिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़क पर मिलने वाले पशुओं के मालिक की तत्काल पहचान की जा सके।
1,075 पशुओं की टैगिंग, अब ट्रैकिंग पर जोर
पशुपालन विभाग ने बैठक में जानकारी दी कि अब तक 1,075 पशुओं की टैगिंग की जा चुकी है। कलेक्टर ने शेष पशुओं की टैगिंग जल्द पूरी करने के साथ उनकी ट्रैकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही गौशालाओं में आवारा पशुओं को रखने की व्यवस्था मजबूत करने, गोठानों में अस्थायी बैरिकेडिंग कराने और काउ कैचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
NH-43 पर पशुओं को लगाई जाएगी रेडियम पट्टी
बैठक में NH-43 पर विचरण करने वाले पशुओं पर रेडियम पट्टी और टैग लगाने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य रात के समय वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद पशु दूर से दिखाई देना और संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है।
नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा ने बताया कि खेड़िया टॉकीज से सिद्ध बाबा मंदिर तक आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता था। इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खेड़िया टॉकीज के पास चपाती हटाने का मुद्दा भी बैठक में रखा गया।
गोठानों की व्यवस्था के लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव
जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम ने गोठानों की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
दुर्घटना में राहत कार्य में बाधा डालने वालों पर भी कार्रवाई
एसपी रत्ना सिंह ने कहा कि सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने गौ रक्षक दल के सदस्यों से अपील की कि दुर्घटना की स्थिति में घायल या दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को हटाने के लिए आने वाली अधिकृत टीम को किसी प्रकार की रोक-टोक या बाधा न पहुंचाई जाए। ऐसा करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
टैगिंग से लेकर काउ कैचर तक, अब जिम्मेदारी तय
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता न हो। आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए टैगिंग, ट्रैकिंग, गौशाला एवं गोठानों की व्यवस्था, काउ कैचर, बैरिकेडिंग और पशुपालकों पर कार्रवाई को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि NH-43 और प्रमुख सड़कों पर आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सड़क पर पशु छोड़ने में लापरवाही बरतने वाले पशुपालकों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




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