दिव्यांग विद्यालय का किया औचक निरीक्षण; बच्चों से संवाद कर पढ़ाई, भोजन और आवासीय व्यवस्थाओं की ली जानकारी
मनेंद्रगढ़।
सशक्त एमसीबी-सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में जनसेवा और जरूरतमंदों तक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में पहल जारी है। इसी क्रम में गांधी जयंती के अवसर पर जिले के प्रभारी एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मनेन्द्रगढ़ स्थित एमसीबी जिला नेत्रहीन, विकलांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।
मंत्री ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और दिव्यांग बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, भोजन, आवासीय सुविधाओं तथा उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर उन्होंने संस्था के संचालन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए एक लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बच्चों को साउंड सिस्टम बॉक्स तथा फल-फूल भी भेंट किए।
बच्चों ने प्रस्तुत किया स्वागत गीत और सुंदरकांड
विद्यालय पहुंचने पर नेत्रहीन बच्चों ने स्वागत गीत के माध्यम से मंत्री और अतिथियों का अभिनंदन किया। बच्चों ने संगीत के साथ रामायण का पाठ और सुंदरकांड की चौपाइयां प्रस्तुत कीं। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न जीव-जंतुओं की आवाजें निकालकर अपनी विशेष प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बच्चों की प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास और प्रतिभा देखकर उपस्थित अतिथियों ने उनकी सराहना की। मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उनसे मिलने और उनकी प्रतिभा देखने का अनुभव उनके लिए भावुक और यादगार रहा।
बच्चों की पढ़ाई और ब्रेल शिक्षा की ली जानकारी
मंत्री ने विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों की संख्या, उनके आने वाले जिलों तथा उन्हें दी जा रही शिक्षा एवं प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से भोजन व्यवस्था के बारे में सीधे बातचीत की और शिक्षकों से उनकी पढ़ाई की जानकारी प्राप्त की।
शिक्षकों ने बताया कि बच्चों को ब्रेल लिपि के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। मंत्री ने जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम को विद्यालय का नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों की आवश्यकताओं का समय पर निराकरण किया जा सके।
‘आप किसी से पीछे नहीं हैं’
मंत्री रामविचार नेताम ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से साबित किया है कि वे किसी से पीछे नहीं हैं। उन्होंने बच्चों की संगीत, गायन और सांस्कृतिक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रतिभाओं को बड़े मंच तक पहुंचाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रतिभा के साथ आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की इच्छा भी है। आवश्यकता इस बात की है कि उनकी प्रतिभा को सही अवसर और मंच मिले।
संस्था की समस्याओं से कराया अवगत
विद्यालय के प्राचार्य संतोष चढ़ोकर ने मंत्री को संस्था की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने संस्था के संचालन में आ रही आर्थिक कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए शिक्षकों के वेतन में वृद्धि तथा बच्चों के भरण-पोषण के लिए मिलने वाली राशि बढ़ाने का आग्रह किया।
प्राचार्य ने बताया कि वर्तमान में बच्चों के भरण-पोषण के लिए 600 रुपये की राशि प्राप्त होती है, जिससे व्यवस्थाएं संचालित करने में कठिनाई होती है।
मूलभूत सुविधाएं बेहतर करने के निर्देश
मंत्री ने संस्था की मूलभूत आवश्यकताओं को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने शौचालय, पेयजल, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही। साथ ही संस्था के लिए जरूरी संसाधनों और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सशक्त एमसीबी-सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सेवा और संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंदों तक सुविधाएं पहुंचाना है। दिव्यांग बच्चों की जरूरतों को समझना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी इसी सेवा भावना का हिस्सा है।
संस्था को ₹1 लाख सहायता की घोषणा
विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों की प्रतिभा से प्रभावित होकर प्रभारी मंत्री ने संस्था के संचालन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए एक लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बच्चों में आगे बढ़ने की क्षमता है और उनकी प्रतिभा को सही मंच एवं अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, कलेक्टर संतन देवी जांगड़े, पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, पूर्व संसदीय सचिव चंपादेवी पावले, एसडीएम लिंगराज सिदार, तहसीलदार श्रुति धुर्वे, जिला संगठन प्रभारी बाबूलाल अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक उपस्थित रहे।




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