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16 Aug 2026
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सफलता की कहानी: पीडिया में 21 साल बाद गूंजी स्कूल की घंटी, 539 बच्चों के जीवन में लौटी शिक्षा की नई उम्मीद,

सफलता की कहानी: पीडिया में 21 साल बाद गूंजी स्कूल की घंटी, 539 बच्चों के जीवन में लौटी शिक्षा की नई उम्मीद,
सफलता की कहानी: पीडिया में 21 साल बाद गूंजी स्कूल की घंटी, 539 बच्चों के जीवन में लौटी शिक्षा की नई उम्मीद, । फोटो: आज का दिन न्यूज़

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में विकास और सुशासन का नया दौर शुरू हुआ है। इसका सबसे प्रेरक उदाहरण बीजापुर जिले का पीडिया क्षेत्र है, जहां माओवादी हिंसा के कारण पिछले 21 वर्षों से बंद पड़े 11 स्कूलों का दोबारा संचालन शुरू कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले से अब 11 गांवों के 539 बच्चों को अपने ही गांव में शिक्षा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। यह बदलाव केवल स्कूल खुलने तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र में शांति, विकास और नई उम्मीद की वापसी का प्रतीक है।

प्रवेशोत्सव में बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत

पीडिया में आयोजित भव्य शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर इस नई शुरुआत का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्थानीय शिक्षादूतों को रजिस्टर और शिक्षण सामग्री सौंपी गई। वहीं, स्कूल लौटे बच्चों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया।

Example Imageबच्चों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए स्कूल बैग, कॉपियां, पेन और स्लेट वितरित किए गए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी उत्साह देखने को मिला।

बस्तर के इन 11 गांवों में फिर शुरू हुई पढ़ाई

हिंसा और भय के कारण दशकों पहले बंद हो चुके पीडिया, पेदापाल, छोटेगोटोडी, कुएम, मदपाल, अंडरी, इडेनार, डोंडीतुमनार, मिरगानघोटूल, गमपुर और तमोड़ी गांवों के सरकारी स्कूल अब पूरी तरह से गुलजार हो गए हैं। इन स्कूलों के दोबारा खुलने से अब मासूम बच्चों को पढ़ाई के लिए अपना घर छोड़कर दूर-दराज के असुरक्षित क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा।

बीजापुर जिले में इस वर्ष 37 बंद स्कूल हुए पुनर्जीवित

जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश पांडे ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन के विशेष अभियान के तहत बीजापुर में इस वर्ष अब तक कुल 37 बंद स्कूलों को फिर से चालू किया जा चुका है, जिनमें 20 प्राथमिक और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इन सभी स्कूलों में सुचारू पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर भवन, शुद्ध पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं तेजी से विकसित की जा रही हैं।

हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना है लक्ष्य: कलेक्टर

बीजापुर कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि जिले के अंतिम छोर पर बैठे प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि अंदरूनी क्षेत्रों में जैसे-जैसे सुरक्षा और सामान्य स्थिति बहाल हो रही है, वहां बंद पड़े स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा अशिक्षित न रहे।

बदलते बस्तर की नई और सुखद तस्वीर

पीडिया में 21 वर्षों बाद स्कूलों की घंटी बजना बदलते बस्तर की एक नई और सकारात्मक तस्वीर पेश करता है। जिन गांवों में कभी बंदूक की गूंज और भय का सन्नाटा था, वहां आज बच्चों की किलकारियां, प्रार्थना की आवाज और शिक्षा का उजाला फैल रहा है। यह सफलता साबित करती है कि सरकार के ठोस और सतत प्रयासों से बस्तर अब विकास और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

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