अभियान के तहत मिठाई, कन्फेक्शनरी, नमकीन, डेयरी उत्पाद, होटल-रेस्टोरेंट, ढाबा और स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया जाएगा। मिलावटी, अमानक, मिथ्याछाप और भ्रामक लेबल वाले खाद्य पदार्थों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विशेष रूप से मिठाई दुकानों, थोक विक्रेताओं, मौसमी विक्रेताओं और अस्थायी निर्माण इकाइयों में बिल, सप्लायर विवरण, सामग्री और लेबलिंग की जांच होगी। संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर नमूने लेकर जांच के साथ उनके स्रोत तक पहुंचने के लिए Source Tracing भी की जाएगी।
होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में Butter, Cream, Cheese, Paneer आदि के नाम से इस्तेमाल होने वाली सामग्री की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल वनस्पति तेल या वनस्पति वसा मिलने मात्र से किसी उत्पाद को स्वतः प्रतिबंधित नहीं माना जाएगा; कार्रवाई उत्पाद की प्रकृति, नाम, प्रस्तुतीकरण, घटकों और लागू खाद्य मानकों के आधार पर होगी।
खाद्य कारोबारियों से वैध बिल एवं आवश्यक अभिलेख सुरक्षित रखने और उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने की अपील की गई है। वहीं आम नागरिकों से संदिग्ध या मिलावटी खाद्य पदार्थों के प्रति सजग रहने की अपील करते हुए विभाग ने कहा कि अभियान का उद्देश्य कार्रवाई के साथ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।




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