सूरजपुर। सूरजपुर के बहुचर्चित डबल मर्डर केस में करीब दो साल बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत चार आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट अब 8 अक्टूबर को चारों दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी।
यह सनसनीखेज मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात का है। सूरजपुर कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। आरोपियों पर दोनों के शव को कार से ले जाकर खेत में फेंकने और नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोप थे।
प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की हुई थी हत्या
पुलिस के अनुसार, सूरजपुर निवासी कुलदीप साहू ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद मां और बेटी के शव को आरोपियों ने कार से ले जाकर कुछ दूरी पर स्थित खेत में फेंक दिया था। मामले की जांच के दौरान दुष्कर्म की भी पुष्टि होने की जानकारी सामने आई थी।
घटना के दौरान मुख्य आरोपी पर पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने का प्रयास करने का भी आरोप लगा था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
चार आरोपी दोषी करार
मामले की सुनवाई सूरजपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। करीब दो साल तक चली सुनवाई के बाद न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने चार आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी करार दिया।
दोषी करार दिए गए आरोपियों में—
- कुलदीप साहू
- चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके
- फूल सिंह उर्फ रिंकू
- आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी
शामिल हैं।
अदालत अब 8 अक्टूबर 2026 को चारों दोषियों की सजा सुनाएगी।
पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने के प्रयास का भी आरोप
मामले के मुख्य आरोपी कुलदीप साहू पर घटना के दौरान पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने का प्रयास करने का भी आरोप था।
वहीं पुलिस वाहन पर फायरिंग के आरोप में कुलदीप साहू, नीलकेश्वर साहू और सूरज साहू को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए इस आरोप से दोषमुक्त कर दिया है।
नोट: उपलब्ध जानकारी के अनुसार अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि सजा की घोषणा 8 अक्टूबर 2026 को होनी है। इसलिए इसे अभी “सजा सुनाई गई” के बजाय “दोषी करार” के रूप में प्रकाशित करना उचित होगा।




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