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11 Oct 2026
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साइबर ठगी के पीड़ितों को मिलेगी कानूनी मदद, रकम की वसूली के लिए भी सहयोग करेगा विधिक सेवा प्राधिकरण

साइबर ठगी के पीड़ितों को मिलेगी कानूनी मदद, रकम की वसूली के लिए भी सहयोग करेगा विधिक सेवा प्राधिकरण
साइबर ठगी के पीड़ितों को मिलेगी कानूनी मदद, रकम की वसूली के लिए भी सहयोग करेगा विधिक सेवा प्राधिकरण। फोटो: आज का दिन न्यूज़

कोरिया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में बनेगा साइबर कानूनी सहायता प्रकोष्ठ, बैंक-पुलिस के साथ समन्वय कर पीड़ितों को न्याय दिलाने में मिलेगी मदद; पैरालीगल वॉलिंटियर्स को डिजिटल अरेस्ट और साइबर अपराधों से बचाव का प्रशिक्षण

बैकुंठपुर | कोरिया। साइबर ठगी के शिकार लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और ठगी गई रकम की वसूली की प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। साइबर अपराध पीड़ित व्यक्ति को विधिक सहायता एवं ठगी गई राशि की वसूली योजना 2026 के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बैकुंठपुर, जिला कोरिया में साइबर कानूनी सहायता प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके माध्यम से पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने से लेकर बैंक, साइबर पुलिस और न्यायालय के स्तर पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया में मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा।

इसी क्रम में साइबर अपराधों की रोकथाम, डिजिटल अरेस्ट से बचाव और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पैरालीगल वॉलिंटियर्स के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पहल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, माननीय उच्चतम न्यायालय के 4 अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा साइबर अपराध पीड़ित व्यक्ति को विधिक सहायता एवं ठगी गई राशि की वसूली योजना 2026 तैयार की गई है।

इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बैकुंठपुर में साइबर कानूनी सहायता प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसका प्रमुख उद्देश्य साइबर ठगी के पीड़ितों को समय पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराना, संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना और न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया में उनका मार्गदर्शन करना है।

साइबर सेल के विशेषज्ञ ने दिया प्रशिक्षण

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष योगेश पारीक के मार्गदर्शन और प्राधिकरण की सचिव अमृता दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस दौरान साइबर सेल बैकुंठपुर, कोरिया के विशेषज्ञ शिवम सिंह ने सक्रिय पैरालीगल वॉलिंटियर्स को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, डिजिटल अरेस्ट से बचाव और साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आम नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों के प्रति जागरूक करना और समय रहते सावधानियां अपनाने के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है।

गांवों और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचेंगे पैरालीगल वॉलिंटियर्स

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद पैरालीगल वॉलिंटियर्स समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। साथ ही, साइबर ठगी के ऐसे पीड़ितों की पहचान करेंगे, जिन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता है, और उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जोड़ने में सहयोग करेंगे।

इस पहल से जरूरतमंद पीड़ितों को उचित मार्गदर्शन मिल सकेगा और वे शिकायत दर्ज कराने तथा कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित संस्थाओं तक पहुंच सकेंगे।

बैंक और साइबर पुलिस के साथ समन्वय करेगा प्रकोष्ठ

प्रस्तावित साइबर कानूनी सहायता प्रकोष्ठ में प्राधिकरण की सचिव, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलिंटियर्स, साइबर पुलिस अधिकारी, बैंकों के नोडल अधिकारी और अभिलेख संबंधी कर्मचारी शामिल होंगे। यह प्रकोष्ठ पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने, बैंक और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने तथा मामलों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यदि ठगी गई रकम किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में पहुंच गई है, तो प्रकोष्ठ पीड़ित को संबंधित खातों की पहचान और लागू कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई में सहायता प्रदान करेगा।

साइबर ठगी के पीड़ितों को मिलेगा कानूनी मार्गदर्शन

इस योजना के माध्यम से साइबर ठगी में अपनी रकम गंवाने वाले लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए कानूनी सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। बैंक, पुलिस और विधिक सेवा संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय से पीड़ितों को शिकायत से लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई तक मार्गदर्शन मिल सकेगा।

हालांकि, ठगी गई रकम की वापसी संबंधित मामले के तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। यह पहल साइबर अपराध के पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें न्याय पाने की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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