डीएमएफ से 10.76 लाख रुपये की लागत से लगाए गए दो सोलर हाईमास्ट, रात में सुरक्षित हुआ पर्यटन क्षेत्र
मनेंद्रगढ़। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विकास सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन स्थलों को सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड भरतपुर के ग्राम पंचायत बेनीपुरा स्थित रमदहा वॉटरफॉल में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से 10 लाख 76 हजार रुपये की लागत से दो सोलर हाईमास्ट संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
सौर ऊर्जा से संचालित इन हाईमास्ट के शुरू होने से पर्यटन क्षेत्र में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध हुई है। इससे पर्यटकों और स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ सुरक्षा का बेहतर वातावरण भी मिला है।
रमदहा वॉटरफॉल में बढ़ीं पर्यटन सुविधाएं
जिला मुख्यालय से करीब 110 किलोमीटर दूर स्थित रमदहा वॉटरफॉल प्राकृतिक सौंदर्य, हरियाली और जलप्रपात के कारण एमसीबी जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। सुदूर वनांचल में स्थित होने के कारण यहां पारंपरिक विद्युत सुविधा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण रहा है। सूर्यास्त के बाद पर्यटन स्थल और आसपास का क्षेत्र अंधकार में डूब जाता था, जिससे रात्रिकालीन आवागमन में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी होती थी।
पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने डीएमएफ मद से यहां प्रकाश व्यवस्था विकसित करने की पहल की। क्रियान्वयन एजेंसी क्रेडा के माध्यम से स्थापित दोनों सोलर हाईमास्ट लगभग 50-50 मीटर के क्षेत्र को रोशन कर रहे हैं।
रात में आवागमन हुआ सुरक्षित
सोलर हाईमास्ट की रोशनी से रमदहा वॉटरफॉल परिसर और आसपास के रास्तों पर रात्रिकालीन आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हुआ है। वन क्षेत्र में स्थित पर्यटन स्थल होने के कारण रात के समय जंगली जानवरों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए प्रकाश व्यवस्था सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पहले शाम होते ही क्षेत्र में अंधेरा छा जाता था। अब हाईमास्ट की रोशनी से पर्यटकों और ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा मिल रही है तथा पर्यटन स्थल का वातावरण भी बेहतर हुआ है।
सौर ऊर्जा से दूरस्थ क्षेत्र में विकास को गति
रमदहा वॉटरफॉल में सोलर हाईमास्ट की स्थापना दूरस्थ वनांचल में स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास का उदाहरण है। जहां पारंपरिक बिजली व्यवस्था पहुंचाना चुनौतीपूर्ण है, वहां सौर ऊर्जा के माध्यम से आवश्यक प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इससे पर्यावरण अनुकूल विकास को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यटन स्थल की उपयोगिता भी बढ़ी है।
पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ की उम्मीद
रमदहा वॉटरफॉल में सुविधाओं के विस्तार से पर्यटकों के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण तैयार हुआ है। बेहतर प्रकाश व्यवस्था से भविष्य में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय ग्रामीणों और छोटे कारोबारियों को मिल सकता है।
पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय स्तर पर रोजगार और छोटे व्यवसायों के नए अवसर भी विकसित होने की उम्मीद है। डीएमएफ मद से किया गया यह कार्य जिले के सुदूर क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रमदहा वॉटरफॉल अब प्राकृतिक सौंदर्य के साथ सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास का उदाहरण बनकर उभर रहा है।




पाठकों की टिप्पणियां 0