मड़ीसरई में महिला समूहों के बीच बैठकर सुनी आजीविका की बातें, बड़वाही कन्या आश्रम में बच्चों से पढ़ाई, भोजन और सुविधाओं पर किया सीधा संवाद
मनेंद्रगढ़। गांव की महिलाओं की आजीविका गतिविधियों से लेकर आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रहे बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं तक की जमीनी स्थिति जानने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह ने मंगलवार को विकासखंड भरतपुर का भ्रमण किया। विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका की गारंटी मिशन (ग्रामीण) योजना की समीक्षा के बाद उन्होंने मड़ीसरई में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों से संवाद किया और बड़वाही कन्या आश्रम पहुंचकर बच्चों से उनकी पढ़ाई, भोजन एवं रहन-सहन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
दीदियों के बीच बैठकर जानी आजीविका की गतिविधियां
ग्राम पंचायत मड़ीसरई में आयोजित दीदी मिलन कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ने महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों से सीधे संवाद किया। उन्होंने समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों, किए जा रहे कार्यों और उनसे होने वाले लाभ की जानकारी ली।
महिलाओं ने अपने कार्य, अनुभव और समूह के माध्यम से आगे बढ़ने की अपनी यात्रा साझा की। जिला पंचायत अध्यक्ष ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और आजीविका गतिविधियों की कार्यप्रणाली को समझा। कार्यक्रम महिलाओं के लिए अपने अनुभव साझा करने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर बना।
कन्या आश्रम में बच्चों के बीच बैठकर किया संवाद
इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष कन्या आश्रम बड़वाही पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के साथ सहज माहौल में बैठकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय, रोजमर्रा की दिनचर्या, भोजन और आश्रम में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
बच्चों ने भी उत्साह के साथ अपनी बातें साझा कीं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया।
पढ़ाई के साथ भोजन, स्वास्थ्य और रहने की व्यवस्था भी देखी
आश्रम के निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक व्यवस्था के साथ-साथ भोजन, स्वास्थ्य, आवास और बच्चों की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। बच्चों को उपलब्ध सुविधाओं और उनकी आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली गई, ताकि उनके लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों को ऐसा सकारात्मक वातावरण मिलना जरूरी है, जहां वे बिना किसी चिंता के मन लगाकर पढ़ाई कर सकें और अपने भविष्य के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकें।
महिलाओं की मेहनत और बच्चों के सपनों को करीब से समझा
जिला पंचायत अध्यक्ष का भरतपुर विकासखंड का यह भ्रमण ग्रामीण क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण तस्वीरों को सामने लाता है। एक ओर महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आजीविका से जुड़कर आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का प्रयास कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर आश्रम में रह रहे बच्चे शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य की नींव तैयार कर रहे हैं।
महिलाओं और बच्चों से सीधे संवाद के माध्यम से उनकी समस्याओं, जरूरतों और उपलब्ध सुविधाओं को करीब से समझने का प्रयास किया गया। इस दौरान श्रीमती अनीता चौधरी, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र क्रमांक 01 भरतपुर सहित जनप्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




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