मनेंद्रगढ़ वन परिक्षेत्र में आधी रात को घेराबंदी कर कार्रवाई, MP नंबर के वाहन में लदी थी अवैध खैर लकड़ी; वन अपराध का मामला दर्ज
मनेंद्रगढ़। वन संपदा की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने सख्ती दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मनेंद्रगढ़ वन परिक्षेत्र की टीम ने 4 नवंबर की रात घेराबंदी कर अवैध खैर लकड़ी से लदे एक वाहन को जब्त किया है। जब्त वाहन का पंजीयन क्रमांक MP 65 GA 2317 बताया गया है। वन विभाग ने मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग को खैर लकड़ी के अवैध परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन अमले ने तत्काल सक्रियता दिखाई और संदिग्ध वाहन को पकड़ने के लिए रात में घेराबंदी की। इस दौरान वाहन चालक ने वन विभाग की टीम को चकमा देकर मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन वनकर्मियों की सतर्कता और मुस्तैदी के चलते उसकी कोशिश सफल नहीं हो सकी। टीम ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर उसमें लदी खैर लकड़ी जब्त कर ली।
रात्रिकालीन गश्त के दौरान पकड़ा गया वाहन
यह कार्रवाई परिक्षेत्र अधिकारी मनेंद्रगढ़ के नेतृत्व में की गई। अभियान में परिक्षेत्र सहायक रतौरा राम गोपाल सिंह, वन रक्षक विजय पैकरा, रवेंद्र रघुवंशी, जगदेव सिंह, देव सिंह एवं अशोक कुर्रे की अहम भूमिका रही।
वन विभाग द्वारा जब्त लकड़ी और वाहन के संबंध में नियमानुसार वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि अवैध परिवहन से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।
वन अपराधों पर विभाग की पैनी नजर
वन विभाग के अनुसार, त्यौहारी सीजन को देखते हुए वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अवैध कटाई, लकड़ी की तस्करी और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रात्रिकालीन गश्त भी तेज की गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा के अवैध दोहन और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वन अमले को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
खैर की लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए वन विभाग की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब जांच के दौरान यह पता लगाना अहम होगा कि जब्त लकड़ी कहां से लाई जा रही थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।




पाठकों की टिप्पणियां 0