साइबर सेल की बड़ी सफलता, तकनीकी मदद से खोज निकाले गए 25 मोबाइल फोन; एसपी हरीश राठौर ने वास्तविक मालिकों को सौंपे
बैकुंठपुर। धनतेरस के पावन अवसर पर कोरिया पुलिस ने आम नागरिकों को ऐसा उपहार दिया, जिसने उनके त्योहार की खुशियों को दोगुना कर दिया। लंबे समय से गुम हुए मोबाइल फोन वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे 25 लोगों के चेहरे उस समय खिल उठे, जब पुलिस ने उनके खोए हुए मोबाइल फोन खोजकर उन्हें वापस सौंप दिए। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के निर्देशन में कोरिया पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार प्रयासों के जरिए यह सफलता हासिल की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती आशा सेन, एसडीओपी मोहसिन खान और उप पुलिस अधीक्षक श्याम मधुकर के मार्गदर्शन में साइबर सेल प्रभारी मोहम्मद तालिब शेख के नेतृत्व में टीम ने गुम हुए मोबाइल फोन की पतासाजी कर उन्हें बरामद किया।
एसपी ने वास्तविक मालिकों को सौंपे मोबाइल
धनतेरस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने बरामद किए गए सभी 25 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किए। लंबे समय से अपने मोबाइल फोन वापस मिलने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह किसी त्योहार के विशेष उपहार से कम नहीं था। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कोरिया पुलिस और साइबर सेल की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
नागरिकों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है कोरिया पुलिस
कोरिया पुलिस की यह पहल बताती है कि पुलिस की भूमिका केवल अपराधों पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत पहुंचाना भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
धनतेरस जैसे शुभ अवसर पर 25 परिवारों को उनके गुम मोबाइल लौटाकर पुलिस ने जनसेवा और संवेदनशीलता का सकारात्मक संदेश दिया है।
कोरिया पुलिस की नागरिकों से अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल नजदीकी थाने में सूचना दें और भारत सरकार के CEIR पोर्टल www.ceir.gov.in पर शिकायत दर्ज कर मोबाइल फोन ब्लॉक कराएं।
इसके अलावा, किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
25 मोबाइल फोन की बरामदगी और उनकी वापसी ने इस धनतेरस पर कोरिया पुलिस को आम नागरिकों की खुशियों का वाहक बना दिया।




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