शंकरगढ़ में बनेगा बालक हायर सेकेंडरी स्कूल का नया भवन, चांदो में सामुदायिक भवन और प्रतिमा स्थल के पास बनेगा भव्य स्मृति द्वार
धान खरीदी 15 नवंबर से होगी शुरू, किसानों की सुविधा के लिए खुलेंगे 360 नए खरीदी केंद्र
रायपुर/बलरामपुर, 28 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से बलरामपुर जिले के ग्राम चिरई-जसवंतपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने काका लरंग साय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास में उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बलरामपुर जिले को 202 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत के 2,009 विकास कार्यों की सौगात दी।
इनमें 156 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन तथा 45 करोड़ 97 लाख रुपये के 146 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय का संपूर्ण जीवन गरीबों, वंचितों, जनजातीय समाज और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को जनसेवा और जनकल्याण के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
जनसेवा और जनजातीय समाज के उत्थान में रहा महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय एक समर्पित जननेता थे, जिन्होंने अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने सदैव जनता के हितों को प्राथमिकता दी और जनजातीय समाज के अधिकारों, सम्मान तथा विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने काका लरंग साय के साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद करते हुए बताया कि पहली बार विधायक बनने के समय से ही उन्हें उनके निकट संपर्क में रहने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिला। सांसद के रूप में दिल्ली में रहने के दौरान काका लरंग साय अक्सर उनके निवास पर आया करते थे और कई बार वहीं ठहरते भी थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने काका जी से कहा था कि दिल्ली आने पर उनके निवास में एक कमरा हमेशा उनके लिए आरक्षित रहेगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी स्वर्गीय लरंग साय के आत्मीय संबंध थे। अटल जी उनका विशेष सम्मान करते थे। काका लरंग साय का सरल जीवन, सहज स्वभाव और जनता के प्रति समर्पण उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान थी।
क्षेत्र के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने शंकरगढ़ स्थित बालक हायर सेकेंडरी स्कूल के जर्जर भवन के स्थान पर नए विद्यालय भवन के निर्माण की घोषणा की। चांदो में सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बड़े सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा।
इसके साथ ही स्वर्गीय लरंग साय की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए उनकी प्रतिमा स्थल के समीप भव्य स्मृति द्वार बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्मृति द्वार उनके जनसेवा के प्रति समर्पण और क्षेत्र के विकास में दिए गए योगदान का प्रतीक बनेगा।
सरगुजा और बस्तर सहित सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सरगुजा और बस्तर सहित छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बलरामपुर जिले में बड़ी संख्या में विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सड़क, अधोसंरचना और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय विकास के नए अवसर तैयार होंगे।
गरीबों और विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से मांगे गए 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवासों को भी स्वीकृति मिली है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसी विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में इन समुदायों की आबादी लगभग 3 लाख 20 हजार है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत इनके लिए करीब 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा बिजली, पेयजल, राशन कार्ड और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 360 नए केंद्र खुलेंगे
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदेश में आगामी 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। इस वर्ष किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा।
किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 360 नए धान खरीदी केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होगी। साथ ही खरीदी केंद्रों में भीड़ और लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तेंदूपत्ता संग्राहकों और भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि वनांचलों में रहने वाले परिवारों की आय बढ़ाने के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना भी दोबारा शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के साढ़े पांच लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य गरीबों, किसानों, श्रमिकों और वनांचल के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
डिजिटल सेवाओं और शिकायतों के समयबद्ध निराकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए काम कर रही है। मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है और शासकीय सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक सुलभ बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि शिकायतों का समयबद्ध निराकरण हो तथा लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बारिश के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित क्षेत्रवासियों के प्रति मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त किया। प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाने पर उन्होंने खेद भी जताया।
लरंग साय के सपनों को साकार करना सामूहिक जिम्मेदारी : रामविचार नेताम
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय ने अपना पूरा जीवन जनसेवा और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित किया। उनका योगदान केवल सामरी क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे सरगुजा अंचल के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिमा की स्थापना उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से परिचित कराने की सराहनीय पहल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरगुजा अंचल में विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। बलरामपुर जिले को 202 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिलने से सड़क, पुल-पुलिया, तालाब और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
नेताम ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय ने क्षेत्र के विकास का जो सपना देखा था, उसे साकार करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जनजातीय समाज और महिलाओं के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जनजातीय समाज के प्रमुख नेता और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। भारतीय जनसंघ से जुड़े रहकर उन्होंने सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी नेतृत्व क्षमता, सहज व्यक्तित्व और आम जनता से जुड़ाव हमेशा प्रेरणादायी रहेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जनजातीय समाज के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल रही है।
मंत्री ने कहा कि सरकार गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय गरीबों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि बलरामपुर जिले सहित पूरे सरगुजा अंचल में विकास और जनकल्याण के कार्यों को आगे भी गति मिलेगी।
कार्यक्रम में विधायक उध्देश्वरी पैकरा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रामकिशुन सिंह, बब्रुवाहन महाराज, ओम प्रकाश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।




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