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16 Sep 2026
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झीरम घाटी हत्याकांड के 10 दोषियों को मृत्युदंड, मुख्यमंत्री साय ने बताया न्याय की जीत

झीरम घाटी हत्याकांड के 10 दोषियों को मृत्युदंड, मुख्यमंत्री साय ने बताया न्याय की जीत
झीरम घाटी हत्याकांड के 10 दोषियों को मृत्युदंड, मुख्यमंत्री साय ने बताया न्याय की जीत। फोटो: आज का दिन न्यूज़

मुख्यमंत्री ने कहा—झीरम घाटी हत्याकांड छत्तीसगढ़ के इतिहास का पीड़ादायक अध्याय, कटु स्मृतियां लंबे समय तक देती रहेंगी पीड़ा

प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह के नेतृत्व में माओवादी हिंसा से मुक्त हुआ छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी ठहराए गए सभी 10 आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इससे पहले 5 सितंबर को अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था और सजा के निर्धारण के लिए 16 सितंबर की तारीख तय की थी।

अदालत के इस फैसले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे न्याय की जीत बताया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि झीरम घाटी में हुआ बर्बर हत्याकांड छत्तीसगढ़ के इतिहास का वह पीड़ादायक अध्याय है, जिसकी कटु स्मृतियां लंबे समय तक पीड़ा देती रहेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हिंसक हमले में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों की जान गई थी। उन्होंने मामले की जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को सशस्त्र माओवादी हिंसा से मुक्त कराने की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है। उन्होंने कहा कि दशकों तक माओवादी हिंसा का सामना करने वाला बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला उन लोगों के लिए भी आत्मचिंतन का अवसर है, जो हिंसा और आतंक को वैचारिक या बौद्धिक समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा को समर्थन या संरक्षण देने के परिणाम गंभीर और विनाशकारी हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध हिंसक संघर्ष का रास्ता समाज और क्षेत्र के लिए नुकसानदेह है। मुख्यमंत्री ने हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने झीरम घाटी हमले में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

क्या था झीरम घाटी हमला?

25 मई 2013 को बस्तर के झीरम घाटी क्षेत्र में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादी हमला हुआ था। इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। मामले की जांच बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी गई।

करीब 13 वर्ष चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 5 सितंबर 2026 को विशेष NIA अदालत ने मामले में जीवित बचे 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था। 16 सितंबर को अदालत ने इन सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

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