मंत्री ओ.पी. चौधरी बोले— पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें जीवित रखना भी उतना ही जरूरी; हर उद्योग में 33% ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर जोर
रायपुर, 12 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता देते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य की औद्योगिक इकाइयों को 31 जुलाई तक वृक्षारोपण का लक्ष्य पूरा करने और 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रायपुर के बेबीलॉन कैपिटल में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका जीवित रहना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चल रही है। उन्होंने उद्योगों से पीपल, नीम, आम, कटहल और अन्य देशी प्रजातियों के पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की।
हर उद्योग में 33 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट
बैठक में उद्योगों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक औद्योगिक इकाई अपने परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करे तथा प्रति हेक्टेयर 2,500 पौधे लगाए। साथ ही पौधों की सिंचाई के लिए पुनर्चक्रित (रिसाइकिल) जल के उपयोग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग को अनिवार्य बनाने पर भी जोर दिया गया।
नवा रायपुर बनेगा 'पीपल सिटी'
मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि नवा रायपुर को 'पीपल सिटी' के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले लगाए गए लगभग 70 हजार पौधों के अलावा अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, सेंध लेक के सौंदर्यीकरण और वहां मियावाकी पद्धति से विकसित किए जा रहे 'बर्ड आइलैंड' की भी जानकारी दी।
25 लाख पौधरोपण का लक्ष्य
आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद ने बताया कि इस वर्ष अब तक 22 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत है। इस वर्ष 25 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे उद्योगों के सहयोग से 30 लाख तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी सहित राज्य की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





पाठकों की टिप्पणियां 0