कोलकाता के पोस्ता बाज़ार में व्यापारी नेता बिश्वनाथ अग्रवाल पर हुए हमले के मामले ने शहर के थोक व्यापार जगत को झकझोर दिया है। 73 वर्षीय अग्रवाल, जो पोस्ता बाज़ार मर्चेंट्स एसोसिएशन के महासचिव हैं, पर कथित तौर पर उनके कार्यालय के बाहर हमला किया गया था। घटना के बाद बाजार में तनाव फैल गया और व्यापारियों ने विरोध स्वरूप कामकाज बंद कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 7 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर गाली-गलौज करने, थप्पड़ मारने और अंडे फेंकने जैसे गंभीर आरोप हैं। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
हमले के बाद पोस्ता बाज़ार में बंद का असर पूरे थोक व्यापार पर दिखा। यह इलाका कोलकाता के सबसे पुराने और बड़े थोक बाजारों में से एक है, जहां रोज़ाना बड़ी मात्रा में कारोबार होता है। व्यापारियों ने घटना के विरोध में बाजार बंद रखकर अपना गुस्सा जताया, लेकिन पुलिस कार्रवाई के बाद हड़ताल वापस ले ली गई और व्यापार फिर से शुरू हो गया।
इस घटना ने कोलकाता में व्यापारिक सुरक्षा, बाजारों की कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी वर्ग का कहना है कि शहर के प्रमुख कारोबारी इलाकों में इस तरह की खुलेआम मारपीट और बदसलूकी चिंता का विषय है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच आगे क्या रुख लेती है और प्रशासन व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा कैसे देता है।




पाठकों की टिप्पणियां 0