नदीम खान | सूरजपुर
सूरजपुर। जमीन विवाद की पुरानी रंजिश में ग्रामीण की टांगी से हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायालय प्रतापपुर ने आरोपी धर्मजीत को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश सिंह चौहान ने 19 अगस्त 2026 को सुनाया।
जमीन विवाद में हुआ था खूनी संघर्ष
मामला थाना रमकोला क्षेत्र के ग्राम डांडकरवां के स्कूलपारा का है। 21 अक्टूबर 2024 को दोपहर करीब 3:30 बजे जमीन विवाद को लेकर आरोपी धर्मजीत और लरंग साय के बीच विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर धर्मजीत ने टांगी से लरंग साय की पीठ, गर्दन और कान के पास जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद थाना रमकोला में अपराध क्रमांक 25/2024 दर्ज कर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को 22 अक्टूबर 2024 को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस की विवेचना और साक्ष्यों से मजबूत हुआ मामला
मामले की विवेचना के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद किस्पोट्टा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों एवं संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए और मृतक के पोस्टमार्टम तथा चिकित्सकीय साक्ष्यों सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और चिकित्सकीय साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी धर्मजीत को हत्या के अपराध का दोषी माना।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद
अपर सत्र न्यायालय प्रतापपुर ने आरोपी धरमजीत पिता स्व. बलजीत, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम रमकोला, थाना रमकोला को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास एवं 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मामले में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक अक्षय तिवारी ने पैरवी की। न्यायालय के इस फैसले को पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।




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