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04 Sep 2026
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आपदा प्रबंधन निधि से भरतपुर क्षेत्र में बनेंगी चार नई पुलिया, 80 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति,

आपदा प्रबंधन निधि से भरतपुर क्षेत्र में बनेंगी चार नई पुलिया, 80 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति,
आपदा प्रबंधन निधि से भरतपुर क्षेत्र में बनेंगी चार नई पुलिया, 80 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

मनेंद्रगढ़ । एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है।    

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े द्वारा राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) से भरतपुर विकासखंड की चार ग्राम पंचायतों में पुलिया निर्माण के लिए कुल 80 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक स्वीकृत कार्य के लिए 20-20 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। 

इन पुलियाओं के निर्माण से बारिश के दौरान नालों और जलभराव वाले रास्तों के कारण उत्पन्न होने वाली आवागमन की समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी।

प्रशासनिक स्वीकृति आदेश के अनुसार राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से प्राप्त राशि के माध्यम से भरतपुर विकासखंड में कुल चार पुलिया निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों का क्रियान्वयन जनपद पंचायत भरतपुर के माध्यम से किया जाएगा। संबंधित कार्य एजेंसी को स्वीकृत प्राक्कलन, तकनीकी स्वीकृति तथा शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वीकृत कार्यों में ग्राम पंचायत जोलगी के नगडुल नाला में पुलिया निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत उचेहरा के ग्राम पंचायत-शेरी क्षेत्र अंतर्गत बैलजपारा में पुलिया निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

वहीं ग्राम पंचायत तरतोरा के बिछली नाला में पुलिया निर्माण तथा ग्राम पंचायत शेरी के हर्राडीपा नाला में पुलिया निर्माण के लिए भी 20-20 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन चारों निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति मार्च 2025 में जारी की गई थी।  

इन कार्यों की एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भरतपुर, जिला एमसीबी को निर्धारित किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में नालों और छोटी जलधाराओं के कारण विशेषकर बरसात के दिनों में आवागमन प्रभावित होता है। कई स्थानों पर जलभराव और तेज बहाव के कारण ग्रामीणों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और दूरी दोनों बढ़ जाते हैं।    

ऐसे में इन पुलियाओं का निर्माण स्थानीय ग्रामीणों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। इससे विद्यार्थियों, किसानों, श्रमिकों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में आसानी होगी। साथ ही कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच भी बेहतर होने की उम्मीद है।

जिला प्रशासन ने प्रशासनिक स्वीकृति के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया के पालन को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संबंधित एजेंसी को तकनीकी स्वीकृति के बाद ही कार्य प्रारंभ करने, स्वीकृत प्राक्कलन एवं निर्धारित मापदंडों के अनुसार निर्माण कराने तथा किसी भी परिस्थिति में स्वीकृत राशि से अधिक व्यय नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य में अनियमितता अथवा गुणवत्ताहीन कार्य पाए जाने पर संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

निर्माण कार्य के दौरान कार्यस्थल पर निरीक्षण पंजी, श्रमिकों का पंजीयन, श्रमिकों के लिए पेयजल तथा आवश्यक प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कार्य प्रारंभ होने से पहले कार्यस्थल का छायाचित्र, कार्य का लेआउट तथा कार्य पूर्ण होने के बाद की तस्वीरें उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इससे निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।

आदेश में कार्य पूर्ण होने के बाद परिसंपत्ति पंजी में आवश्यक प्रविष्टि करने, निरीक्षण प्रतिवेदन, माप पुस्तिका एवं पूर्णता प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करने तथा प्रत्येक माह की 25 तारीख तक कार्य की प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

निर्माण कार्य में खनिज का उपयोग होने पर नियमानुसार रॉयल्टी जमा करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही श्रमिकों को निर्धारित मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए Minimum Wages Act, 1948 के प्रावधानों का पालन करने पर भी जोर दिया गया है।

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