रायपुर, 22 जून 2026
छत्तीसगढ़ की सभी 33 जेलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बंदियों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हुए सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक अनोखी शुरुआत की। चारदीवारी के अंदर भी योग की ऊर्जा फैल गई और कैदियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया।
केंद्रीय जेल रायपुर में भव्य योग सत्र
केंद्रीय जेल रायपुर में मुख्य अतिथि जेल महानिदेशक श्री हिमांशु गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की पहल से योग आज पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति का प्रतीक बन चुका है। योग शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का प्राचीन विज्ञान है जो तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और जीवन में सकारात्मकता लाने में सहायक है।
500 पुरुष एवं 150 महिला बंदी सक्रिय
पुरुष प्रकोष्ठ में 500 और महिला प्रकोष्ठ में 150 बंदियों ने योग सत्र में बढ़-चढ़कर भाग लिया। आर्ट ऑफ लिविंग के अनुभवी प्रशिक्षक श्री अनिल अग्रवाल एवं उनकी टीम ने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति एवं ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराया।
इस विशेष योग शिविर का उद्देश्य बंदियों में मानसिक तनाव, नकारात्मक विचारों और अवसाद को दूर करते हुए आत्मविश्वास, संयम और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था।
जेल प्रशासन की सराहनीय पहल
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री भी उपस्थित रहे। जेलों में योग का यह आयोजन कैदियों के पुनर्वास और सुधार की दिशा में जेल प्रशासन की एक सकारात्मक और प्रभावी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
योग के इस महापर्व ने जेल की दीवारों के अंदर स्वास्थ्य, शांति और नई शुरुआत का संदेश मजबूती से पहुंचाया है।




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