दुर्घटनास्थल से घायल पत्रकार को बिना देरी पहुंचाया अस्पताल, फूल-माला, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर जताया आभार
चिरमिरी। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल पत्रकार मनोज श्रीवास्तव के लिए नागपुर निवासी युवक सादिक उस समय मददगार बनकर सामने आए, जब उन्हें तत्काल सहायता की जरूरत थी। दुर्घटनास्थल के पास मौजूद सादिक ने घायल पत्रकार की गंभीर स्थिति को देखते हुए बिना समय गंवाए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। समय पर मिली चिकित्सा सहायता से घायल पत्रकार को उपचार मिल सका। सादिक के इस मानवीय और सराहनीय कार्य की पत्रकार समाज ने प्रशंसा की।
सादिक की तत्परता और संवेदनशीलता के लिए चिरमिरी-खड़गवां पत्रकार संघ एवं छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के संयुक्त तत्वावधान में उनका सम्मान किया गया।
घायल पत्रकार को सड़क से उठाकर पहुंचाया अस्पताल
मिली जानकारी के अनुसार पत्रकार मनोज श्रीवास्तव सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। हादसे के बाद वे गंभीर स्थिति में सड़क पर पड़े थे। इसी दौरान दुर्घटनास्थल के समीप मौजूद नागपुर निवासी सादिक की नजर उन पर पड़ी।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सादिक ने बिना देरी किए घायल पत्रकार की मदद की और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। उनके समय पर अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया।
उपचार के दौरान पत्रकार मनोज श्रीवास्तव को करीब 6 से 7 टांके लगाए गए। समय रहते चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से उनकी स्थिति संभल सकी। हादसे के बाद शुरुआती समय में सादिक द्वारा दिखाई गई तत्परता बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
मानवता का परिचय देकर पेश की मिसाल
सादिक ने बताया कि हादसे में घायल व्यक्ति को सड़क पर देखकर वे खुद को रोक नहीं सके। उस समय उनका एकमात्र उद्देश्य घायल को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना था, ताकि उसे समय पर उपचार मिल सके।
उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद की मदद करना हर इंसान का कर्तव्य है। यदि किसी व्यक्ति की मदद से उसकी जान बच सकती है, तो इससे बड़ा कोई मानवीय कार्य नहीं हो सकता।
घर पहुंचकर पत्रकारों ने किया सम्मान
सादिक के इस मानवीय कार्य के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए चिरमिरी-खड़गवां पत्रकार संघ और छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उनके घर पहुंचे।
इस दौरान पत्रकारों ने सादिक का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया, मुंह मीठा कराया तथा शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पत्रकारों ने उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में जिस तरह उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के मदद के लिए कदम बढ़ाया, वह समाज के लिए प्रेरणादायी है।
ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणा
पत्रकार संघ के अध्यक्ष द्रोणाचार्य दुबे ने सादिक के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय उन्होंने जिस तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह समाज के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने कहा कि सड़क हादसे के बाद शुरुआती समय घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में बिना किसी स्वार्थ के मदद के लिए आगे आना मानवता का सच्चा परिचय है।
द्रोणाचार्य दुबे ने कहा कि सादिक ने घायल पत्रकार को समय पर अस्पताल पहुंचाकर न केवल एक इंसान की मदद की, बल्कि समाज के सामने मानवता की मिसाल भी पेश की है। ऐसे नेक कार्य करने वाले लोगों का सम्मान करने से समाज में दूसरों की मदद करने की भावना मजबूत होती है।
आपात स्थिति में मदद के लिए आगे आने का संदेश
सादिक की पहल यह संदेश देती है कि सड़क दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में घायल व्यक्ति को समय पर मदद मिलना बेहद जरूरी है। आम नागरिक यदि संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आएं, तो कई गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाने में मदद मिल सकती है।
सादिक के इस मानवीय प्रयास को पत्रकार समाज ने न सिर्फ सम्मान दिया, बल्कि इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणादायी मिसाल भी बताया।




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