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22 Aug 2026
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राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,

राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,
राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजस्व विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की

बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका एवं भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराने की होगी व्यवस्था

राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता, तकनीक आधारित समाधान एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश

राजस्व मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर

रायपुर, 07 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों, तकनीक आधारित नवाचारों तथा नागरिकों एवं किसानों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयीन आवागमन के गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बैठक में डिजिटल किसान किताब एवं भूमि संबंधी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से सहज रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उन्हें तहसील अथवा पटवारी कार्यालय जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आमजन एवं किसानों के जीवन से जुड़ा विभाग है, इसलिए शासन के सभी सुधारों एवं नवाचारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरबीसी 6-4 की ऑनलाइन व्यवस्था एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिसके लागू होने पर आवेदक स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे तथा संपूर्ण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध होगी। उन्होंने अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया पंचायतों के माध्यम से संपादित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष बल देते हुए सीमांकन प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित करने तथा समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों की जिला-वार नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

बैठक में VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नकल शाखा को पूर्णतः ऑनलाइन करने के लिए इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार विकसित किया जाएगा। इससे प्रमाणित अभिलेखों का निर्गमन कुछ ही मिनटों में संभव होगा तथा अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने असर्वेक्षित ग्रामों, विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व अभिलेख तैयार हो सकें, भूमि अभिलेख अद्यतन हों तथा स्थानीय नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टों की प्रविष्टि एवं नामांतरण, पट्टाधृति अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री एवं एक्सेम्प्टेड कैटेगरी फार्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि नागरिकों को तेज, पारदर्शी, जवाबदेह एवं विश्वासपूर्ण राजस्व व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और इसे और अधिक प्रभावी बनाना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में साइबर तहसील व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था के माध्यम से अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा सहित विभिन्न राजस्व सेवाएं केंद्रीकृत एवं पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन कर नागरिक हित में आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के निर्देश दिए।

बैठक में ई-कोर्ट प्रणाली, रेवेन्यू बोर्ड एवं संभागीय आयुक्त कार्यालयों में ऑनलाइन साक्ष्य प्रस्तुत करने की व्यवस्था, नक्शा डिजिटाइजेशन, ऑटो म्यूटेशन, ऑटो डायवर्सन तथा भू-अर्जन से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी, अंबिकापुर एवं जगदलपुर में नक्शा परियोजना का पायलट कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक एवं अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, तहसीलों के अधोसंरचना विकास तथा तहसीलदारों के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, विशेष सचिव श्रीमती इफ़्फत आरा, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार, संयुक्त सचिव श्री अरविन्द एक्का सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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