सन्ना की तहसीलदार रौशनी तिर्की पर लगा गंभीर आरोप,जनपद सदस्य राकेश गुप्ता ने निर्वाचित जनप्रतिनिधि से दुर्व्यवहार का लगाया आरोप,वहीं जनपद उपाध्यक्ष ने भी किया आक्रोश व्यक्त,लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 134 का उल्लंघन और कर्तव्य की अवहेलना अधिनियम के तहत कार्यवाही का मांग
बगीचा : सन्ना की तहसीलदार रौशनी तिर्की पर जनप्रतिनिधि से दुर्व्यवहार एवं अपमानित करने का गंभीर आरोप लगा है।यह आरोप उनके तहसील क्षेत्र अंतर्गत निर्वाचित जनप्रतिनिधि BDC राकेश गुप्ता ने लगाया है। उक्त मामले की शिकायत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिख कर राकेश गुप्ता ने की है।
ज्ञात हो कि जनपद सदस्य राकेश गुप्ता ने अनुविभागीय अधिकारी बगीचा को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम पत्र सौंपा है,जिसमें उन्होंने तहसीलदार रौशनी तिर्की के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान करना बताया है। राकेश गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि से तहसीलदार ने तू तड़ाक से बात करते हुए देख लेने की धमकी तक दी है जो कि शासकीय आदर्श लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के विपरीत आता है।शासकीय अधिकारी द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधि से दुर्व्यवहार करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 134 के तहत एक दंडनीय अपराध है। इस धारा के अनुसार, निर्वाचनों से संबंधित किसी भी पदीय कर्तव्य की उपेक्षा करना एक शासकीय सेवक के लिए दंड का भागीदार है। इसके अलावा,यह कर्तव्य की अवहेलना का भी उल्लंघन है,जिसके लिए शासकीय सेवक को दंडित किया जा सकता है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 134 अंतर्गत अधिनियम निर्वाचनों के दौरान शासकीय अधिकारियों के कर्तव्यों और आचरण को नियंत्रित करता है। जनप्रतिनिधि के साथ दुर्व्यवहार इस धारा का उल्लंघन कहलाता है।
इसके साथ ही कर्तव्य की अवहेलना अंतर्गत यह एक सामान्य नियम है जिसके तहत शासकीय सेवक अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन नहीं करते हैं। दुर्व्यवहार इस नियम के अंतर्गत आता है।
जनपद सदस्य राकेश गुप्ता ने आगे बताया कि उनके द्वारा सौंपे गए आवेदन में तहसीलदार रौशनी तिर्की पर कानूनी कार्यवाही का मांग किया गया है साथ ही उन्हें तहसील सन्ना से हटाने का मांग भी किया गया है।
राकेश गुप्ता के द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार
मैं राकेश गुप्ता, पिता श्री राजकुमार गुप्ता, ग्राम सन्ना, का स्थायी निवासी हूँ, एवं जनपद पंचायत बगीचा की जनपद सदस्य पद पर निर्वाचित हुआ हूँ, यह कि, दिनांक 28.10.2025 को सुबह 10.00 बजे मुझे गाँव के अशोक गुप्ता के द्वारा फोन पर बताया गया कि, तहसीलदार रौशनी तिर्की के द्वारा मुझे थाना में बैठा कर मेरे घर जाकर जे.सी.बी. वाहन लगाकर, बिना किसी नोटिस के मकान को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है वहीं पर और भी लोग शासकीय भूमि पर, मकान बनाये हैं उनके ऊपर, कोई कार्यवाही न कर सिर्फ मुझ पर अवैधानिक कार्यवाही किया जा रहा है। जिसके बाद मेरे द्वारा मौके पर जानकारी लेने पहुँचा गया और विडियो बनाया जाने लगा, तभी तहसीलदार रौशनी तिर्की के द्वारा मुझसे तु तड़ाक करते हुए नेतागिरी करेगा, और विडियो इधर उधर भेजेगा तो ठीक नहीं होगा, कहते हुए झूठे केस में फंसाने का धमकी दिये जाने लगा। जहाँ पर,कई ग्रामीण मौजूद थे, जिसके कारण मेरा अपमान हुआ है।
यह कि, मेरे क्षेत्र भ्रमण के दौरान भी तहसीलदार रौशनी तिर्की के संबंध में, पूरे क्षेत्र के लोग आये दिन व्यवहार एवं न्यायिक कार्य पर शिकायत मेरे समक्ष करते रहते है एवं आय, जाति, निवास जन्म मृत्यु संबंधित छोटे- छोटे कार्यों को भी नहीं करते हुए खाली लोगों को परेशान एवं घुमाने का काम करती हैं, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश है, एवं मुझसे बहस करने के दौरान मुझे आदिवासी को प्रताड़ित कर रहे हो, तुम लोग झारखण्डी हो, तुम लोग को आदिवासी एक्ट लगाकर फंसा दूंगी, जनप्रतिनिधी कोई तोप, नहीं, होता है। कह कर अपमान करते हुए प्रान्तवाद, जातिवाद, का लड़ाई कराने का प्रयास किया गया, जिसका विडियो भी सोशल मेडिया पर खूब वायरल हो रहा है, एवं तहसीलदार पर कार्यवाही की मांग किया जा रहा है और क्षेत्र का माहौल भी खराब हो रहा है।अतः श्रीमान् महोदय से निवेदन है कि,उक्त्त तहसीलदार रौशनी तिर्की पर, तत्काल कानूनी कार्यवाही करते हुए तहसील सन्ना से हटाये जाने की कृपा करें।राकेश गुप्ता ने कहा कि “किसी भी अधिकारी को जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए, न कि अहंकारपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।”
विदित हो कि यह पहला मौका नहीं है जब तहसीलदार सन्ना विवादों में आई हों। विश्वसनीय सूत्रों ने यह भी बताया कि गत कुछ माह पहले बगीचा में पदस्थापना के दौरान भी उन पर पटवारियों ने निजी कामों और राशन की मांग करने जैसे आरोप लगाए थे। उस समय भी यह मामला चर्चा में रहा था और उनकी कार्यशैली पर सवाल उठे थे। बाद में अधिवक्ता संघ द्वारा उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, तहसील के कर्मचारियों ने भी कुछ समय पहले दुर्व्यवहार की शिकायत की थी, जिसे जिला स्तर पर सुलझाया गया था।इस ताज़ा घटनाक्रम ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। कई संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जनपद उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई
इस विवाद पर जनपद उपाध्यक्ष बगीचा अरविंद गुप्ता ने व्हाट्सऐप ग्रुप BDC जनपद पंचायत परिवार बगीचा में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे पूरे जनपद के प्रतिनिधियों का अपमान बताया और तहसीलदार को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि
जनपद की गरिमा पर हमलाबर्दाश्त नहीं
हमारे जनपद सदस्य श्री राकेश गुप्ता जी के साथ सन्ना तहसीलदार रोशनी तिर्की द्वारा किया गया दुर्व्यवहार, धमकी और आदिवासी एक्ट में फंसाने का प्रयास निंदनीय है और जनता एवं जनपद के सभी चुने हुए निर्वाचित प्रतिनिधियों का अपमान है। हम जनता की सेवा के लिए चुने गए प्रतिनिधि हैं — हमें कोई भी अधिकारी ऊँची आवाज़ में बात करने या डराने की हिम्मत नहीं कर सकता। यह केवल राकेश गुप्ता जी का नहीं, बल्कि पूरे बगीचा जनपद के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अपमान है।अब समय आ गया है कि हम सब बगीचा के अध्यक्ष उपाध्यक्ष समस्त DDC एवं समस्त BDC सदस्य और सरपंच उपसरपंच जनपद प्रतिनिधि एकजुट होकर तहसील सन्ना का घेराव करें और तहसीलदार रोशनी तिर्की को तुरंत निलंबित (सस्पेंड) करने की मांग करें।आज यह घटना हमारे साथी के साथ हुई है — कल हमारे ऊपर एवं किसी और जनप्रतिनिधि के साथ भी हो सकती है!इसलिए एकजुट रहकर अपने सम्मान और अधिकार की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाना अनिवार्य है।
" - अरविंद गुप्ता,उपाध्यक्ष जपं बगीचा
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