युवा भाजपा नेता रीत जैन बने "जी राम जी" जन जागरण कार्यक्रम के चिरमिरी मंडल संयोजक,

युवा भाजपा नेता रीत जैन बने "जी राम जी" जन जागरण कार्यक्रम के चिरमिरी मंडल संयोजक,

चिरमिरी: भाजपा मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर की जिला अध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले ने युवा नेता एवं भाजपा चिरमिरी मंडल के महामंत्री रीत जैन को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना "जी राम जी" योजना के जन जागरण कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु चिरमिरी मंडल का संयोजक नियुक्त किया है । इसके साथ ही आशीष अग्रवाल एवं महेश ठाकुर को सदस्य नियुक्त किया है ।

रीत जैन की इस नियुक्ति से उनके समर्थकों के बीच हर्ष व्याप्त है । इस नियुक्ति के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए युवा भाजपा नेता रीत जैन ने कहा कि इस नियुक्ति के लिए वे पार्टी के नेतृत्व का आभार प्रकट करते है ।

वे अपनी टीम के साथ लोगो के बीच जाएंगे और केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना "जी राम जी" की खूबियों से उन्हें अवगत कराएंगे तथा इस योजना के संदर्भ में कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक जानकारियों का पर्दाफाश करेंगे ।

      श्री जैन ने आगे कहा कि सच्चाई साफ है कि मनरेगा ना खत्म हुआ है ना कमजोर बल्कि और सशक्त हुआ है । 100 दिन की जगह 125 दिन तक सुनिश्चित रोजगार, हफ्तों में भुगतान महीना का इंतजार नहीं, बायोमेट्रिक व्यवस्था से पूरी पारदर्शिता, खेती के समय 60 दिन का तार्किक ब्रेक ।

आइए, अफवाह नहीं तथ्यों पर भरोसा करें । 

VB -G RAM G योजना में मिलेगा ज्यादा काम 

    भारत एक कृषि प्रधान देश है और छत्तीसगढ़ भी धान का कटोरा है । 2 माह की इसमें किसानों को छुट्टी भी मिलेगी, जब किसानों का पिक सीजन होगा । बुवाई और कटाई के समय दो महीने की इसमें छुट्टी रहेगी । उस समय इन्हें कृषि मजदूरी भी मिलेगी और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। 

40% राज्यों की हिस्सेदारी 100% जवाब देही और निगरानी

     हमारी सरकार ने मनरेगा की इन खामियों को सुधारते हुए VB G RAM G योजना लाई है, जो मजदूरों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त और सुद्रण बनाएगी । स्पष्ट है कि विपक्ष को समस्या इस योजना से नहीं बल्कि इससे जुड़े राम नाम से है। 

नाम पर विवाद गांधी बनाम राम

      अब आते हैं उस सवाल पर जिस पर विपक्ष सबसे ज्यादा राजनीति कर रहा है । विपक्ष पूछ रहा है कि गांधी जी का नाम हटाकर राम का नाम क्यों जोड़ा गया । हकीकत तो यह है कि राम एक सर्वभौम सत्य है, जिसका अनुपालन महात्मा गांधी जी करते थे । मूल बात यह है कि जब किसी वृहद योजना में विस्तृत बदलाव किया जाता है तो बदलाव की सार्थकता अनुसार नाम भी बदला जा सकता है, जिसे हम कांग्रेस शासन काल में 70 सालों से देखा है ।

     तो अगर आज केंद्र सरकार इस योजना के जरिए राम राज की उस परिकल्पना को साकार कर रही है जहां हर गरीब को हक मिले, हर गांव उनके नाम के साथ प्रभु राम का नाम जोड़कर सरकार ने गांधी जी के उस अंत्योदय के सपने को ही पूरा किया है। असल में विकसित भारत का रास्ता शहरों की चकाचौंध से नहीं बल्कि गांव की पगडंडियों से होकर गुजरता है ।