दुर्ग : आवास निर्माण की गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल, जिले में मनरेगा मजदूरों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण
जिले में आवास निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और ग्रामीण हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत मजदूरों को राजमिस्त्री कार्य का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मनरेगा के तहत संचालित प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यह 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत नंदवाय में स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण से पूर्व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से हितग्राहियों की काउंसलिंग कर उनकी रुचि के अनुसार चयन किया गया। सहायक परियोजना अधिकारी द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप संपादित करने संबंधी आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण में सभी 35 पुरुष हितग्राही सक्रिय रूप से भाग लिए। प्रशिक्षण अवधि के दौरान हितग्राहियों को मनरेगा अंतर्गत 261 रूपए प्रतिदिन की दर से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। मास्टर ट्रेनर श्री ओमप्रकाश निर्मकर द्वारा आवास निर्माण में मजबूती हेतु निर्माण सामग्री के उचित अनुपात, कार्य की समय-सीमा, आवश्यक सावधानियों एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे ग्रामीण हितग्राहियों ने बताया कि वे न केवल अपने आवासों का निर्माण बेहतर गुणवत्ता के साथ कर सकेंगे, बल्कि अन्य ग्रामीणों को भी गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे।

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