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26 Aug 2026
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मोर गांव-मोर पानी बना जनआंदोलन: MCB में 52 एकड़ का जल संरक्षण मॉडल तैयार, 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित

मोर गांव-मोर पानी बना जनआंदोलन: MCB में 52 एकड़ का जल संरक्षण मॉडल तैयार, 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित
मोर गांव-मोर पानी बना जनआंदोलन: MCB में 52 एकड़ का जल संरक्षण मॉडल तैयार, 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित। फोटो: आज का दिन न्यूज़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में VB-G RAM-G मिशन को गति, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ और जल संरक्षण अभियान का किया शुभारंभ

रायपुर/एमसीबी, 12 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन और हरित विकास को नई गति मिल रही है। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM-G) के तहत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। अभियान के माध्यम से एक ओर लाखों मानव-दिवस का रोजगार सृजित हो रहा है, वहीं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से भू-जल संवर्धन को भी मजबूती मिल रही है।

इसी कड़ी में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदर में जन सम्मेलन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृहद वृक्षारोपण अभियान और ‘मोर गांव-मोर पानी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयं कंटूर ट्रेंच की खुदाई कर ग्रामीणों को जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिक से अधिक जनभागीदारी के साथ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

52 एकड़ में विकसित हो रहा समेकित जल संरक्षण मॉडल

ग्राम पंचायत बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में समेकित जल संरक्षण एवं हरित विकास मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसके तहत 30 एकड़ क्षेत्र में कंटूर ट्रेंच और अन्य जल संरक्षण कार्यों के जरिए वर्षा जल संग्रहण एवं भू-जल संवर्धन की व्यवस्था की गई है। वहीं 22 एकड़ क्षेत्र में लगभग 2,000 फलदार एवं अन्य पौधों का रोपण शुरू किया गया है।

200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के तहत किए गए कार्यों से इस क्षेत्र में लगभग 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित हुई है। इससे भविष्य में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादकता और पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

हरित और आत्मनिर्भर गांव बनाने पर सरकार का फोकस

राज्य सरकार द्वारा VB-G RAM-G मिशन के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण और आजीविका संवर्धन के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य जनभागीदारी के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत को जल-सुरक्षित, हरित और आत्मनिर्भर बनाना है।

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