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12 Jul 2026
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भोरमदेव में पर्यटन को नई रफ्तार: 146 करोड़ की परियोजनाओं के बीच शुरू हुई 6 किमी इको ट्रेल, इको-टूरिज्म से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा,

भोरमदेव में पर्यटन को नई रफ्तार: 146 करोड़ की परियोजनाओं के बीच शुरू हुई 6 किमी इको ट्रेल, इको-टूरिज्म से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा,
भोरमदेव में पर्यटन को नई रफ्तार: 146 करोड़ की परियोजनाओं के बीच शुरू हुई 6 किमी इको ट्रेल, इको-टूरिज्म से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

रायपुर/कबीरधाम, 11 जुलाई 2026। कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव अभ्यारण्य में पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को 6 किलोमीटर लंबी भोरमदेव इको ट्रेल और वन महोत्सव का शुभारंभ किया। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत स्वीकृत 146 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास परियोजनाओं के बीच शुरू हुई यह इको ट्रेल भोरमदेव को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

उप मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, वन अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ इको ट्रेल का भ्रमण कर जंगल की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और वन्यजीवों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इको-टूरिज्म का उद्देश्य केवल पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा करना भी है।

उन्होंने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है और जंगल सफारी के बाद अब इको ट्रेल पर्यटकों को घने जंगल, औषधीय वनस्पतियों, पक्षियों, तितलियों और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित एवं रोमांचक अनुभव प्रदान करेगी। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य छोटे-बड़े व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।

146 करोड़ से होगा पर्यटन का व्यापक विकास

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव क्षेत्र में प्रवेश द्वार, संग्रहालय, पार्क, पार्किंग, मेला स्थल, छेरकी महल, मड़वा महल, रामचूंआ और सरोदा बांध सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भोरमदेव प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में शामिल होगा।

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

श्री शर्मा ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड, पर्यटन सेवाओं और अन्य व्यवसायों में रोजगार मिलेगा। उन्होंने स्थानीय लोगों से पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की।

3 से 4 घंटे का रोमांचक वन भ्रमण

वन विभाग द्वारा विकसित भोरमदेव इको ट्रेल लगभग 6 किलोमीटर लंबी है, जिसे पूरा करने में 3 से 4 घंटे का समय लगता है। ट्रेल के दौरान पर्यटक प्रशिक्षित नेचर गाइड के साथ प्राकृतिक वन, औषधीय वनस्पतियों, पक्षियों, तितलियों, वन्यजीवों और भोरमदेव मंदिर परिसर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

वन महोत्सव में पौधरोपण और सीड बॉल अभियान

वन महोत्सव के अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने करिया आमा गांव में 51 काला आम के पौधे लगाकर काला आम उपवन की स्थापना की। इसके साथ ही 50 हजार सीड बॉल अभियान और एक लाख पौधों के वितरण अभियान का शुभारंभ किया। पौधों के वितरण के लिए ई-रिक्शा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

बैगा समुदाय को सोलर लालटेन और जैकेट

कार्यक्रम में बैगा समुदाय के 100 हितग्राहियों को सोलर लालटेन और जैकेट वितरित किए गए, ताकि वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को बेहतर सुविधा मिल सके।

हर शनिवार और रविवार होगी इको ट्रेल

वन मंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि भोरमदेव इको ट्रेल का संचालन करियाआमा गेट स्थित भोरमदेव इको कैंप से प्रत्येक शनिवार और रविवार किया जाएगा। ट्रेल में भाग लेने के लिए प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। अनुभवी नेचर गाइड प्रतिभागियों को जंगल भ्रमण के दौरान स्थानीय जैव विविधता, वन्यजीव, औषधीय पौधों, स्थानीय भोजन और भोरमदेव मंदिर विरासत परिसर की जानकारी देंगे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, डॉ. वीरेन्द्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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