LIVEभारत और दुनिया की हर बड़ी खबर
15 Aug 2026
ब्रेकिंग

लोकजतन सम्मान समारोह में कमल शुक्ला और राजेंद्र शर्मा सम्मानित, मीडिया की निष्पक्षता और सांप्रदायिक एजेंडे पर उठे तीखे सवाल,

लोकजतन सम्मान समारोह में कमल शुक्ला और राजेंद्र शर्मा सम्मानित, मीडिया की निष्पक्षता और सांप्रदायिक एजेंडे पर उठे तीखे सवाल,
लोकजतन सम्मान समारोह में कमल शुक्ला और राजेंद्र शर्मा सम्मानित, मीडिया की निष्पक्षता और सांप्रदायिक एजेंडे पर उठे तीखे सवाल,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

भोपाल में शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान माला 2026 के दौरान लोकतंत्र, जनपक्षधर पत्रकारिता और हिंदी सिनेमा की भूमिका पर हुई गंभीर चर्चा; कमल शुक्ला बोले— यह सम्मान जनसरोकारों के प्रति जिम्मेदारी और बढ़ाता है।

भोपाल | मुख्यधारा के मीडिया की निष्पक्षता, लोकतंत्र की सेहत और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति पर उठते सवालों के बीच भोपाल में आयोजित शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान माला 2026 और लोकजतन सम्मान समारोह जनपक्षधर पत्रकारिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन का महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया। इस अवसर पर वरिष्ठ जनवादी पत्रकार एवं साप्ताहिक लोक लहर के संपादक राजेंद्र शर्मा को लोकजतन सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया, जबकि कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 में घोषित भूमकाल समाचार के संपादक कमल शुक्ला को औपचारिक रूप से सम्मान-पत्र प्रदान किया गया।

दुष्यंत कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय में 24 जुलाई को आयोजित समारोह में राजेंद्र शर्मा ने कहा कि भारतीय मीडिया अपने इतिहास के सबसे बड़े संकट के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय जनता की आवाज़ बनने वाला मीडिया आज बड़े कॉरपोरेट हितों और सत्ता के प्रभाव में जनसरोकारों से दूर होता जा रहा है। किसानों के आंदोलन से लेकर अब तक जनता का बड़ा वर्ग मुख्यधारा के मीडिया पर अविश्वास जता रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया का दायित्व सत्ता से सवाल पूछना है, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा सत्ता का औजार बनता दिखाई दे रहा है।

सम्मान ग्रहण करते हुए कमल शुक्ला ने कहा कि पत्रकारिता केवल रोज़गार नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का दायित्व है। उन्होंने कहा कि लोकजतन सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि जनपक्षधर और प्रतिबद्ध पत्रकारिता का सम्मान है। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि उनकी पत्रकारिता आगे भी जनता के पक्ष में और सत्ता से सवाल पूछने की दिशा में निरंतर जारी रहेगी।

भोपाल से लौटकर बोले कमल शुक्ला— यह सम्मान नई ऊर्जा देता है

Example Image

भोपाल से लौटने के बाद aajkasinnews.com से बातचीत में कमल शुक्ला ने कहा कि ऐसे मंच पर सम्मानित होना, जहां राजेंद्र शर्मा, जबरीमल्ल पारख, डॉ. राम विद्रोही, बादल सरोज और संध्या शैली जैसे जनपक्षधर व्यक्तित्व मौजूद हों, उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें जनसरोकारों, लोकतंत्र और सच के पक्ष में अपनी प्रतिबद्ध पत्रकारिता को और मजबूती से आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

Advertisement
Ads3articlepage

'सिनेमा के जरिए फैलाया जा रहा सांप्रदायिक एजेंडा'

समारोह के अंतर्गत आयोजित "आज का भारत और हिंदी सिनेमा" विषय पर वरिष्ठ चिंतक एवं फिल्म विश्लेषक जबरीमल्ल पारख का व्याख्यान प्रमुख आकर्षण रहा। उन्होंने कहा कि हिंदी सिनेमा के एक हिस्से का इस्तेमाल योजनाबद्ध तरीके से इतिहास को विकृत करने और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने के लिए किया जा रहा है। फिल्मों के माध्यम से झूठ को सच और अयथार्थ को यथार्थ की तरह स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास की तोड़-मरोड़ कर की गई प्रस्तुतियों के जरिए मुसलमानों को विदेशी आक्रांता के रूप में चित्रित किया जा रहा है, जबकि भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत और भाईचारे की परंपरा को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इस प्रवृत्ति की तुलना जर्मनी में हिटलर के दौर के प्रचारतंत्र से करते हुए कहा कि सत्ता समर्थित प्रचार फिल्मों का उद्देश्य समाज को विभाजित करना और वास्तविक जनसमस्याओं से ध्यान हटाना है।

उन्होंने कहा कि बेरोज़गारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक असमानता जैसे बुनियादी मुद्दों को पीछे धकेलकर सांप्रदायिक विमर्श को केंद्र में लाया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तमाम दबावों के बावजूद कुछ फिल्मकार आज भी लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों की रक्षा का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

लोकजतन के संपादक बादल सरोज ने बताया कि शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान माला 7 अगस्त तक प्रदेश के तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर जारी रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ व्यंग्यकार वीरेन्द्र जैन ने की, सम्मान-पत्र डॉ. राम विद्रोही ने प्रदान किए, संचालन मनोज कुलकर्णी ने किया तथा आभार संध्या शैली ने व्यक्त किया। इस अवसर पर हाल ही में दिवंगत वरिष्ठ कर्मचारी नेता एस. पी. शर्मा को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

यह खबर कैसी लगी?

शेयर करें

Advertisement
15-augstslides11
15-augstslides10
15-augstslides9
15-augstslides8
15-augstslides7
15-augstslides6
15-augstslides5
15-augstslides1
15-augstslides
Admin

Admin

पाठकों की टिप्पणियां 0