विकास प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और हितग्राहियों को लाभ वितरण की तैयारी; 1 से 3 नवंबर तक रोशनी से जगमगाएंगे सरकारी भवन
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में राज्योत्सव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 2 नवंबर को सभी जिला मुख्यालयों में एक दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। राज्य शासन ने आयोजन के लिए मुख्य अतिथियों का निर्धारण करते हुए जिला कलेक्टरों को तैयारियां पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग के 27 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार विभिन्न जिलों में मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में प्रदेश की विकास उपलब्धियों, सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।
महिला सशक्तीकरण और युवाओं पर रहेगा विशेष फोकस
राज्योत्सव की इस वर्ष की थीम सशक्त नारी, युवा उड़ान है। इसके अनुरूप कार्यक्रमों में महिला सशक्तीकरण, युवाओं के अवसरों और राज्य की विकास योजनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाने की तैयारी है।
सभी जिला मुख्यालयों में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इनमें सरकारी योजनाओं, विभागीय उपलब्धियों और सफल विकास परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। स्थानीय कलाकारों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रमों के दौरान शासन की कल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जाएगा। प्रशासन को आयोजन की गरिमा और शालीनता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला मुख्यालयों में तय हुए मुख्य अतिथि
राज्य शासन ने राज्योत्सव के लिए जिला-वार मुख्य अतिथियों की जिम्मेदारी निर्धारित की है। जांजगीर-चांपा में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और दुर्ग में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल होंगे।
सरगुजा में रामविचार नेताम, जशपुर में श्याम बिहारी जायसवाल, रायगढ़ में ओ.पी. चौधरी, सूरजपुर में लक्ष्मी राजवाड़े, कोरबा में लखन लाल देवांगन, कांकेर में केदार कश्यप और राजनांदगांव में गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि होंगे।
अन्य जिलों में भी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में विधायक रेणुका सिंह, कोरिया में विधायक भैयालाल राजवाड़े और बस्तर में विधायक किरण देव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शेष जिलों के लिए भी शासन ने निर्धारित सूची के अनुसार जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय की है।
तीन दिन तक रोशनी से जगमगाएंगे सरकारी भवन
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक जिला मुख्यालयों में स्थित शासकीय भवनों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को अपने बजट से आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टरों को मुख्य अतिथियों के परामर्श से कार्यक्रमों का निर्धारण करने, आयोजन स्थल पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विकास और जनभागीदारी का मंच बनेगा राज्योत्सव
राज्योत्सव केवल राज्य स्थापना दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा, सरकारी योजनाओं और सांस्कृतिक विविधता को सामने लाने का अवसर भी होगा। प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को विकास कार्यों की जानकारी देने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा।
2 नवंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के जरिए राज्य की उपलब्धियों और भविष्य की विकास आकांक्षाओं को जनसामान्य तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।




पाठकों की टिप्पणियां 0