जशपुर का मान: 'राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र' नीलकमल राम अब दिल्ली के कर्तव्य पथ पर देंगे राष्ट्रपति को सलामी

Rishi thawait aajkadin

जशपुर का मान: 'राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र' नीलकमल राम अब दिल्ली के कर्तव्य पथ पर देंगे राष्ट्रपति को सलामी

जशपुर/बगीचा। जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के एक छोटे से गाँव बहनाचट्टान से निकलकर दिल्ली के राजपथ (कर्तव्य पथ) तक का सफर तय कर नीलकमल राम ने इतिहास रच दिया है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) के छात्र नीलकमल का चयन इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए हुआ है। यह न केवल जशपुर बल्कि समूचे पहाड़ी कोरवा समाज के लिए गौरव का क्षण है।

कठिन परिश्रम से पाया मुकाम

​बीटेक पांचवें सेमेस्टर के छात्र नीलकमल राम का चयन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के दल में हुआ है। इस गौरवपूर्ण स्थान को पाने के लिए उन्होंने ग्वालियर के आईटीएम विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्व गणतंत्र दिवस परेड (5 से 14 नवंबर) के दौरान कड़े प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया को पार किया। शारीरिक दक्षता, परेड कौशल और अनुशासन की कसौटी पर खरा उतरने के बाद अब वे 1 से 30 जनवरी तक दिल्ली के शिविर में रहकर गणतंत्र दिवस परेड की तैयारी करेंगे।

पिछड़ी जनजाति 'पहाड़ी कोरवा' समाज की बड़ी उपलब्धि

​नीलकमल राम उस 'पहाड़ी कोरवा' जनजाति से ताल्लुक रखते हैं, जिन्हें शासन द्वारा 'राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र' माना जाता है। अत्यंत पिछड़ी श्रेणी में आने वाली इस जनजाति के युवा का तकनीकी शिक्षा (बीटेक) प्राप्त करना और फिर देश की सबसे प्रतिष्ठित परेड का हिस्सा बनना, समाज में आ रही शैक्षणिक जागरूकता का जीवंत उदाहरण है।

नीलकमल राम का परिचय:

  • पिता: श्री लल्लू राम
  • माता: श्रीमती निर्मला बाई
  • निवासी: ग्राम बहनाचट्टान (ग्राम पंचायत कुटमा), बगीचा, जशपुर।
  • जाति: पहाड़ी कोरवा (विशेष पिछड़ी जनजाति)।

पूरे जिले में हर्ष की लहर

​नीलकमल की इस उपलब्धि पर जशपुर प्रशासन और क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह है। यह उपलब्धि संदेश देती है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो सुदूर अंचलों की पगडंडियों से निकलकर देश के सबसे बड़े मंच 'कर्तव्य पथ' तक पहुँचा जा सकता है। नीलकमल न केवल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सलामी देंगे, बल्कि अपने समाज की नई तस्वीर पूरी दुनिया को दिखाएंगे।

जनसंपर्क विभाग का संदेश: जशपुर जिला जनसंपर्क कार्यालय इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की सराहना करता है। नीलकमल की यह सफलता जिले के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।