'तुहर पौधा तिहार' अभियान को मिली रफ्तार, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला बोनस; मंत्री बोले— पांच जिलों में सबसे आधुनिक होगा मेडिकल कॉलेज
मनेंद्रगढ़, 11 जुलाई। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा वनमंडल मनेंद्रगढ़ के तत्वावधान में वन महोत्सव के अवसर पर ग्राम पंचायत पारसगढ़ी स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने पौधरोपण कर हरित अभियान का शुभारंभ किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम, वनमंडलाधिकारी चंद्र अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
वनमंडलाधिकारी चंद्र अग्रवाल ने बताया कि वनमंडल मनेंद्रगढ़ ने वर्ष 2026-27 के लिए 16 लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रत्येक पौधे की एक वर्ष तक नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए दो लाख पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर में लगभग 700 पौधे लगाए गए। पत्रकार संघ के प्रतिनिधियों ने भी 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया।
वन महोत्सव के दौरान वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया। साथ ही 'तुहर पौधा तिहार' अभियान के अंतर्गत पौधों के वितरण के लिए दो विशेष वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पौधे पहुंचाए जा सकें।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि हरित क्रांति तभी सफल होगी जब प्रत्येक व्यक्ति पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का अभियान जनआंदोलन बन सकता है।
कार्यक्रम के बाद मंत्री ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित होगी और आसपास के पांच जिलों में यह सबसे आधुनिक मेडिकल कॉलेज होगा। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा भी उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सड़क और रेल दोनों क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। पाराडोल और चिरमिरी के नए रेलवे स्टेशन भविष्य में विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।




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