पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में समयबद्ध परियोजनाएं, बेहतर पर्यटक सुविधाएं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के दिए निर्देश
रायपुर, 9 जुलाई। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई गति देने के उद्देश्य से पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में मंत्रालय में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, विकास परियोजनाओं, पर्यटन अधोसंरचना, प्रमुख पर्यटन स्थलों तथा सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने पर्यटन विभाग की योजनाओं, अधोसंरचना विकास, प्रमुख परियोजनाओं, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और आगामी कार्ययोजना पर प्रस्तुतीकरण दिया। वहीं संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने सांस्कृतिक संरक्षण, लोककला एवं लोक कलाकारों के संवर्धन, सांस्कृतिक आयोजनों और धरोहर संरक्षण संबंधी योजनाओं की जानकारी साझा की।
समीक्षा के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गति, पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति से समृद्ध राज्य है। इन विशेषताओं का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। साथ ही लोककलाओं, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक धरोहरों को व्यापक पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं के विस्तार, पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने और नए पर्यटन स्थलों के योजनाबद्ध विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संस्कृति विभाग को संग्रहालयों, सांस्कृतिक संस्थानों और सांस्कृतिक आयोजनों को अधिक प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, अवर सचिव रुचि शर्मा, उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




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