एनडीपीएस एक्ट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी दबोचा गया, न्यायालय में पेशी के बाद भेजा गया जेल,
चिरमिरी | 1 अगस्त 2026।
एमसीबी जिले में "नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस" अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस ने नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार से जुड़े एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती दीपिका मिंज के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, 15 मार्च 2026 को मुखबिर की सूचना पर चिरमिरी पुलिस ने आरोपी विवेक पटेल के कब्जे से प्रतिबंधित Rexogesic (Buprenorphine) एवं Avil (Pheniramine) इंजेक्शन बरामद किए थे। आरोपी के पास इन इंजेक्शनों के भंडारण अथवा बिक्री का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने मौके से 30 Rexogesic और 150 Avil इंजेक्शन (कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹9 हजार) जब्त कर उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी), 27(ख), 29 एवं 67 के तहत मामला दर्ज किया था।
विवेचना के दौरान पूछताछ और मेमोरेंडम के आधार पर यह सामने आया कि आरोपी को नशीले इंजेक्शन अन्य व्यक्तियों द्वारा उपलब्ध कराए जाते थे। जांच में रीतेश समुद्रे की संलिप्तता पाए जाने पर उसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि मामले का एक अन्य आरोपी पुष्पेन्द्र कुमार पटेल, निवासी चरचा (जिला कोरिया), घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
चिरमिरी पुलिस ने लगातार पतासाजी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए 31 जुलाई 2026 को फरार आरोपी पुष्पेन्द्र कुमार पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के विरुद्ध थाना बैकुंठपुर में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज हैं। संबंधित मामलों की जानकारी जुटाकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
चिरमिरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री और सेवन को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध आगे भी कठोर और निरंतर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।




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