मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे सामरबार आश्रम: संत बभ्रुवाहन सिंह जी महाराज से लिया आशीर्वाद, विभिन्न समाजों से की भेंट

Rishi thawait aajkadin

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे सामरबार आश्रम: संत बभ्रुवाहन सिंह जी महाराज से लिया आशीर्वाद, विभिन्न समाजों से की भेंट

जशपुर/बगीचा: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को बगीचा विकासखंड के ग्राम सामरबार स्थित सुप्रसिद्ध 'संत गहिरा गुरु आश्रम' पहुंचे। यहाँ उन्होंने गुरु पीठाधीश्वर संत श्री बभ्रुवाहन सिंह जी महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके स्वास्थ्य व आश्रम की विभिन्न गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली।

सामाजिक समरसता का संगम: विभिन्न समाजों से संवाद

आश्रम प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने पूज्य गहिरा गुरुजी महाराज के अनुयायियों और क्षेत्र के विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने कंवर, साहू, रौतिया, बिझीयां, यादव, नागवंशी, गौड़, उरांव और विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समाज के सदस्यों से चर्चा कर उनकी सामाजिक गतिविधियों और कुशलक्षेम की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

शिक्षा और संस्कारों का केंद्र: सामरबार आश्रम

उल्लेखनीय है कि सामरबार न केवल आध्यात्मिक केंद्र है, बल्कि यह शिक्षा का भी बड़ा स्तंभ है। यहाँ संचालित 'शासकीय संत रामेश्वर गहिरा गुरु जी महाविद्यालय' और प्राच्य संस्कृत आवासीय विद्यालय क्षेत्र के निर्धन, आदिवासी और दलित छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान कर रहे हैं।

पाठ्यक्रम: यहाँ कला के साथ-साथ विशेष रूप से संस्कृत साहित्य, व्याकरण और ज्योतिष में स्नातक की शिक्षा दी जाती है।

विरासत: यह संस्थान महान समाज सुधारक संत गहिरा गुरु जी की तपोभूमि और उनकी आध्यात्मिक विरासत को जीवंत रखे हुए है।

सादगी और शुद्धता: एक अनुकरणीय जीवनशैली

सामरबार आश्रम और इससे जुड़े अनुयायियों की जीवनशैली आज के समाज के लिए एक प्रेरणा है। यहाँ के लगभग 1000 छात्र और शिक्षक भारतीय संस्कृति के अनुरूप धोती-कुर्ता और सादगीपूर्ण वेशभूषा धारण करते हैं।

नशा मुक्ति: गहिरा गुरु जी की प्रेरणा से इस समाज के लोग मांस-मदिरा और हर प्रकार के नशे से पूर्णतः दूर हैं।

अध्यात्म: हर घर में तुलसी का चंवरा और सफेद झंडा इनकी पहचान है। दिन की शुरुआत सूर्य अर्घ्य से और संध्या का समापन रामचरितमानस के पाठ से होता है।

सामुदायिक सेवा: यहाँ के लोग मुट्ठी दान और श्रमदान के माध्यम से पर्यावरण रक्षा और जन कल्याण के यज्ञ आयोजित करते हैं।

उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द गुप्ता, कृष्णा राय, भरत सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सहित आश्रम के ट्रस्टी और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।