मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर शहर हो रहा रोशन ,शहर की प्राचीन विरासत और धरोहर को सहेजने का किया जा रहा कार्य ,गम्हरिया नगर प्रवेश द्वार पर की गई प्रकाश की व्यवस्था ,शहर के 6 जगहों को सीएसआर मद से जगमगाने की तैयारी
Rishi thawait aajkadin
जशपुरनगर 6 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी एवं जनहितकारी नेतृत्व में जशपुर के चौक चौराहों और प्राचीन विरासत को सहेज कर किया जा रहा रोशन ।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर नगरी निकाय क्षेत्र में रात्रि कालीन सौन्दर्य और सुरक्षा के दृष्टिकोण से शहर के 6 जगहों पर प्रकाश की व्यस्था की जा रही है।
इनमें शहर के दो प्रवेश द्वार एक गम्हरिया चौक गिरांग से जशपुर आने वाले प्रवेश द्वार जिला पुरातत्व संग्रहालय, जिला ग्रन्थालय, जुदेव प्रतिमा चौक, महाराज चौक,बेल पहाड़ के पास सीएसआर मद से आकर्षक सुन्दर लाइट व्यस्था की जा रही है।
शुभारंभ में गम्हरिया चौक के प्रवेश द्वार पर प्रकाश की व्यस्था कर दी गई हैं।
इसके साथ ही राज्य की साय सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर विद्युत सब-स्टेशनों की स्थापना, ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार तथा वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। इन प्रयासों से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
साय सरकार द्वारा जशपुर जिले के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को मंजूरी दी गई है,जिसकी निविदा प्रक्रिया पूर्ण के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगी,जो पूरे सरगुजा संभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इसके साथ ही फरसाबहार एवं झिक्की बगीचा में 132/33 केवी सब-स्टेशन की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे क्षेत्रीय बिजली भार का संतुलन बेहतर होगा। इसके अलावा जिले के सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा में 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण की जा रही हैं और शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
*117 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना ,ग्रामीण इलाकों की लो वोल्टेज समस्या से हमेशा के लिए मिलेगी निजात*
नए सब-स्टेशनों एवं ट्रांसमिशन नेटवर्क सहित ग्रामीण इलाकों में 117 नए ट्रांसफार्मर की स्थापना की जा चुकी है। जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्योगों को भी सीधा लाभ पहुंचेगा।
*बिजली के साथ विकास को मिली नई रफ्तार*
जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को मिली विद्युत सौगातों से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी विकास को नई गति मिली है। निर्बाध बिजली आपूर्ति से आमजन के दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। निस्संदेह, साय सरकार की यह पहल जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।













