LIVEभारत और दुनिया की हर बड़ी खबर
24 Jun 2026
ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में अल-नीनो का खतरा: खेती बचाने के लिए सरकार ने बनाई विशेष रणनीति, मंत्री राम विचार नेताम ने दी केंद्रीय कृषि मंत्री को जानकारीप्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ा विधवा का आशियाना: जर्जर पेड़ काटने की अनुमति के लिए एक माह भटकती रही महिला, आखिर घर पर गिरा पेड़,मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर/एमसीबी: राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी सूचना: 15 जुलाई तक अनिवार्य रूप से कराएं ई-केवाईसी, वरना बंद हो सकता है राशन,चिरमिरी: निगम के खिलाफ कांग्रेस का मोर्चा: वेतन भुगतान और बुनियादी सुविधाओं के लिए सौंपा ज्ञापन, मनेंद्रगढ़: संभावित एल नीनो प्रभावों को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, विभागवार तैयारियों की होगी समीक्षा,

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो का खतरा: खेती बचाने के लिए सरकार ने बनाई विशेष रणनीति, मंत्री राम विचार नेताम ने दी केंद्रीय कृषि मंत्री को जानकारी

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो का खतरा: खेती बचाने के लिए सरकार ने बनाई विशेष रणनीति, मंत्री राम विचार नेताम ने दी केंद्रीय कृषि मंत्री को जानकारी
छत्तीसगढ़ में अल-नीनो का खतरा: खेती बचाने के लिए सरकार ने बनाई विशेष रणनीति, मंत्री राम विचार नेताम ने दी केंद्रीय कृषि मंत्री को जानकारी। फोटो: आज का दिन न्यूज़

रायपुर: अल-नीनो के प्रभाव के चलते इस वर्ष मानसून की देरी और कमजोर होने की आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में राज्य के कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने छत्तीसगढ़ की तैयारियों का खाका पेश किया।

मानसून की स्थिति और सरकार की चिंता

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में 22 जून तक औसत वर्षा मात्र 30.8 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत (58.3 मिमी) से काफी कम है। खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर में बोनी का लक्ष्य है, लेकिन फिलहाल यह कार्य केवल 2% क्षेत्र तक ही सीमित है।

किसानों के लिए क्या है सरकार की रणनीति?

सूखे की चुनौती से निपटने के लिए कृषि विभाग ने व्यापक कार्ययोजना लागू की है:

वैकल्पिक फसलें:किसानों को धान की जगह मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और दलहन-तिलहन फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कम अवधि वाली किस्में:उच्च भूमि में कम समय में पकने वाली धान की किस्मों और अंतरवर्तीय फसलों (intercropping) पर जोर दिया जा रहा है।

बीज और उर्वरक की उपलब्धता:राज्य बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। सूखे की आशंका वाले 15 जिलों में प्राथमिकता के आधार पर 1.22 लाख क्विंटल से अधिक बीज उपलब्ध कराए गए हैं।

फसल बीमा और सुरक्षा: बीमा कंपनियों के साथ समन्वय कर फसल नुकसान की भरपाई को सरल बनाया गया है ताकि किसानों को आर्थिक क्षति न हो।

आकस्मिक कार्ययोजना:इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अनुसंधान विभाग द्वारा अल-नीनो की स्थिति को देखते हुए विशेष 'आकस्मिक कार्ययोजना' (Contingency Plan) तैयार की गई है।

"किसानों को घाटे से बचाना प्राथमिकता"

कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों की चिंता दूर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण के साथ ही नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि खेती की लागत कम और उत्पादकता बेहतर बनी रहे।

यह खबर कैसी लगी?

शेयर करें

Admin
Admin

Admin

Admin
96 लेख

Admin ने अब तक 96 खबरें प्रकाशित की हैं। पूरी खबरें देखने के लिए प्रोफाइल खोलें।

पाठकों की टिप्पणियां 0