PIB के वार्तालाप कार्यक्रम में कलेक्टर, मीडिया और युवाओं ने साझा किया नशामुक्त भारत का संकल्पय गांव-गांव तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
एमसीबी 09 अगस्त 2026
भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर (PIB) द्वारा “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारतदृसंकल्प अभियान” के अंतर्गत वार्तालाप कार्यक्रम का आयोजन होटल हसदेव इन, मनेन्द्रगढ़ में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखने, नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने तथा मीडिया के माध्यम से नशामुक्ति के संदेश को ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में PIB रायपुर के उपनिदेशक (मीडिया एवं संचार) श्री रमेश जयभाये ने मुख्य अतिथि कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े, भोपाल PIB निदेशक मनीष गौतम, छत्तीसगढ़ बंधु पत्रिका के संपादक श्री मधुकर द्विवेदी, माय भारत जिला समन्वयक कोरिया सुश्री चहल कैलाशिया, एमसीबी प्रेस क्लब अध्यक्ष रंजीत सिंह तथा पत्रकार संघ मनेन्द्रगढ़ के अध्यक्ष प्रवीण ऋषि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में जिले के अन्य पत्रकार एवं मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा। नाचा दल ने “अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार, इंद्रावती हर पखारे तोर पांव” जैसे लोकप्रिय पारंपरिक गीत की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात “मोर संग चलव गा” छत्तीसगढ़ी गीत के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। स्वागत गीत की प्रस्तुति के बाद नशामुक्ति अभियान पर आधारित नाटक का मंचन किया गया, जिसमें प्रभावी ढंग से दिखाया गया कि नशे की लत किस प्रकार एक व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को प्रभावित कर सकती है तथा एक हंसते-खेलते परिवार को बिखरने की स्थिति तक पहुंचा देती है।
मनीष गौतम ने बताया योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका कार्यक्रम में भोपाल PIB के निदेशक मनीष गौतम ने मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि मीडिया देश का चौथा स्तंभ है और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों तथा विभिन्न जनजागरूकता अभियानों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पत्र सूचना कार्यालय से संबंधित व्यवस्थाओं के एकीकरण का उद्देश्य सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और समन्वित बनाना है, ताकि सरकार की योजनाओं एवं जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ में भी केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी।
श्री गौतम ने ‘विकसित भारतदृगारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की सही और समय पर जानकारी मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही उपलब्ध सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ उठा सकता है।
नशामुक्ति अभियान को लेकर उन्होंने कहा कि “नशा छोड़ो, भारत जोड़ो” अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा। अंबिकापुर में भी इस दिशा में विशेष आयोजन किए जाएंगे। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशामुक्ति केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मीडिया, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन बनाया जा सकता है।
माय भारत पोर्टल बनेगा युवाओं की भागीदारी का मजबूत माध्यम
कार्यक्रम में माय भारत जिला समन्वयक कोरिया चहल कैलाशिया ने युवाओं को ‘मेरा युवा भारत’ (डल् ठींतंज) पोर्टल की उपयोगिता और इसकी गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डल् ठींतंज भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का महत्वपूर्ण मंच है, जिसके माध्यम से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सहभागिता, स्वयंसेवा, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत अभियान में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करने के लिए डल् ठींतंज एक प्रभावी मंच बन सकता है। जिले में युवाओं के साथ प्रत्येक माह विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नशे के दुष्परिणाम, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर संवाद किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी के समन्वय से स्कूलों में भी नशामुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि युवा “हम नशामुक्त हैं” जैसे संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करें और अन्य युवाओं को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने ‘माय भारत रन’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्ति का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने की बात कही। जिला समन्वय समिति के माध्यम से कोरिया और मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र के युवाओं को डल् ठींतंज से जोड़कर उन्हें नशामुक्ति का संकल्प लेने के साथ-साथ जागरूकता अभियान में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी पहल में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और मीडिया के माध्यम से अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल सकता है।
कलेक्टर ने कहा- युवाओं को नशे से बचाने के लिए पहले समझना होगा उनकी परेशानी का कारण
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कार्यक्रम में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया देश का चौथा स्तंभ है और समाज में जनजागरूकता पैदा करने की उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े अभियानों को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सकारात्मक वातावरण तैयार करने में मीडिया प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने नशे की समस्या को केवल कानून या अभियान के नजरिए से देखने के बजाय उसके पीछे छिपे सामाजिक और व्यक्तिगत कारणों को समझने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कई बार युवा तनाव, चिंता, अकेलेपन, पारिवारिक परिस्थितियों, पढ़ाई या रोजगार के दबाव अथवा भविष्य को लेकर असमंजस के कारण गलत संगति में पड़ जाते हैं और नशे को अपनी परेशानी से बाहर निकलने का माध्यम समझने लगते हैं। ऐसे में केवल उन्हें नशे से रोकना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी समस्याओं को समझकर उनसे संवाद करना और सही मार्गदर्शन देना भी जरूरी है।
कलेक्टर ने कहा कि परिवार, स्कूल, समाज, प्रशासन और मीडिया को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां युवा अपनी परेशानियां खुलकर साझा कर सकें। युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों से जोड़कर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि नशामुक्ति अभियान के संदेश को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने के साथ उन लोगों की प्रेरक कहानियां भी सामने लाई जाएं, जिन्होंने नशे को छोड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी है।
PIB उपनिदेशक रमेश जयभाये ने किया अतिथियों का स्वागत, मीडिया से जनआंदोलन बनाने की अपील
कार्यक्रम में भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर (PIB ) के उपनिदेशक रमेश जयभाये ने सभी मुख्य अतिथियों एवं उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मीडिया सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक है और नशे के दुष्परिणामों के प्रति युवाओं तथा आम नागरिकों को जागरूक करने में मीडिया सकारात्मक एवं जिम्मेदार भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अन्य संचार माध्यमों की पहुंच गांव-गांव तक है। इसलिए “नशा छोड़ो, भारत जोड़ो” जैसे अभियानों के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का अवसर भी व्यापक है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे केवल नशे के नुकसान की जानकारी तक सीमित न रहें, बल्कि नशा छोड़कर सफल और सम्मानजनक जीवन जी रहे लोगों की प्रेरक कहानियों को भी सामने लाएं, ताकि युवाओं के बीच सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का निर्माण हो।
श्री जयभाये ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें शिक्षा, खेल, कौशल विकास, रोजगार, सामाजिक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ना जरूरी है। परिवार, विद्यालय, प्रशासन, सामाजिक संगठन और मीडिया यदि मिलकर युवाओं के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करें, तो नशे की प्रवृत्ति को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि “नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।” इसलिए नशामुक्ति का संदेश किसी एक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर निरंतर अभियान के रूप में गांवों, स्कूलों, महाविद्यालयों और नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी मीडिया प्रतिनिधियों से “नशा छोड़ो, भारत जोड़ो” अभियान को व्यापक जनआंदोलन बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की।

पाठकों की टिप्पणियां 0