जल संरक्षण के साथ 914 मानव दिवस रोजगार का सृजन
खेत में बना स्थायी जलस्रोत, खरीफ-रबी फसलों की सिंचाई को मिलेगा संबल
रायपुर ,01 अगस्त 2026
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर आजीविका को मजबूत करने की दिशा में विकसित भारत जी-राम-जी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुंगेली जिले में जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे कार्यों का सकारात्मक असर अब किसानों के खेतों में दिखाई देने लगा है। विकासखण्ड पथरिया की ग्राम पंचायत सांवतपुर में हितग्राही श्री ननकू-मन्नू के खेत में निर्मित डबरी इसका प्रेरक उदाहरण है।
*वर्षा जल का होगा संचयन, खेती को मिलेगा स्थायी सहारा*
शिकायत समन्वयक श्री महेश कुमार डाहिरे ने बताया कि डबरी का आकार 23×23 मीटर है। इसके निर्माण के लिए लगभग 02 लाख 99 हजार 174 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। निर्माण कार्य के दौरान 914 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को गांव में ही रोजगार का अवसर मिला। अब यह डबरी केवल एक जल संरचना नहीं, बल्कि किसान के लिए सिंचाई और जल सुरक्षा का स्थायी साधन बन गई है। वर्षा के दौरान इसमें पानी का संचयन होगा, जिसका उपयोग आवश्यकता के अनुसार खरीफ एवं रबी फसलों की सिंचाई में किया जा सकेगा। इससे खेती में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को सिंचाई के लिए बाहरी संसाधनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
*रोजगार के साथ जल संरक्षण भी*
डबरी निर्माण ने योजना के दोहरे उद्देश्य को साकार किया है। एक ओर ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला, वहीं दूसरी ओर किसान के खेत में ऐसी परिसंपत्ति तैयार हुई जो आने वाले वर्षों तक उपयोगी रहेगी। डबरी में जल संचयन से भू-जल पुनर्भरण, जल संरक्षण और जलवायु अनुकूल कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा।
जल उपलब्धता बढ़ने से फसल उत्पादन को स्थिरता मिलने के साथ खेती की लागत कम करने में भी मदद मिलेगी। इस प्रकार ग्रामीण रोजगार को कृषि उत्पादकता और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण से जोड़कर गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह कार्य महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
*विकसित भारत जी-राम-जी ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला*
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी योजना के माध्यम से निर्मित डबरी, खेत तालाब एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला हैं। इससे एक ओर ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलता है, वहीं दूसरी ओर किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा प्राप्त होती है। जिले में जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन से जुड़े ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
*914 मानव दिवस से मिला रोजगार, किसान को मिला स्थायी लाभ*
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गोकुल रावटे ने कहा कि व्यक्तिगत लाभ के डबरी निर्माण जैसे कार्य ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। ग्राम पंचायत सांवतपुर में 914 मानव दिवस का रोजगार सृजन योजना के रोजगार उपलब्ध कराने और स्थायी परिसंपत्ति निर्माण के दोहरे उद्देश्य को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत द्वारा ऐसे कार्यों का गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।
*जल संरक्षण से समृद्धि की ओर बढ़ता जिला*
जिला प्रशासन द्वारा विकसित भारत जी-राम-जी के अंतर्गत डबरी, खेत तालाब, मेड़बंदी, वृक्षारोपण एवं अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन कार्यों से वर्षाजल का बेहतर उपयोग, भू-जल पुनर्भरण, कृषि उत्पादकता में वृद्धि और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूती मिल रही है।




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